लखनऊ, जेएनएन। सुन्नी वक्फ बोर्ड की 26 नवंबर को होने वाली बोर्ड बैठक में अयोध्या में पांच एकड़ जमीन लेने का फैसला पास हो सकता है, क्योंकि अध्यक्ष जुफर फारुकी सहित बोर्ड के छह सदस्य जमीन लेने के पक्ष में हैं। बोर्ड बैठक से पहले केवल दो सदस्य पांच एकड़ जमीन न लेने के समर्थन में सामने आए हैं। यह सदस्य सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने के भी पक्ष में हैं।

दरअसल, सुन्नी वक्फ बोर्ड में अध्यक्ष जुफर फारुकी सहित कुल आठ सदस्य हैं। इनमें विधायक अबरार अहमद, मुहम्मद जुनैद सिद्दीकी, अधिवक्ता अब्दुल रज्जाक खान, अधिवक्ता इमरान महमूद खान, मौलाना सैयद अहमद अली उर्फ खुशनूद मियां, अदनान फारूख शाह व मुहम्मद जुनीद शामिल हैं।

इनमें से दो सदस्य अब्दुल रज्जाक खान व इमरान महमूद खान शुरुआत से इस मसले पर अध्यक्ष जुफर फारुकी के खिलाफ हैं। अब्दुल रज्जाक खान कहते हैं कि 26 नवंबर की बैठक में वे पांच एकड़ जमीन न लेने व पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की बात रखेंगे। उन्होंने कहा, 'मैं जानता हूं कि बोर्ड में अध्यक्ष का बहुमत है, इसके बावजूद बैठक में अपनी बात रखूंगा।' 

वहीं, चार सदस्य अबरार अहमद, अदनान फारूख शाह, मुहम्मद जुनीद व मुहम्मद जुनैद सिद्दीकी अध्यक्ष के समर्थन में हैं। ऐसे में बहुमत अध्यक्ष की तरफ ही है। जुफर फारुकी कहते हैं कि बोर्ड के सभी सदस्यों को बैठक का पत्र भेज दिया गया है। उन्होंने गुरुवार को फिर कहा, 'सुन्नी वक्फ बोर्ड सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का सम्मान करती है। हम किसी भी तरह की पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं करेंगे। 26 नवंबर की बैठक में पांच एकड़ जमीन लेने या न लेने का प्रस्ताव रखा जाएगा। इसमें जो भी निर्णय होगा उसका पालन किया जाएगा।' 

Posted By: Anurag Gupta

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