सीतापुर, जागरण संवाददाता। मिश्रिख-नैमिषारण्य नगर पालिका परिषद में स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) में हुए 39.58 लाख रुपये के घोटाले में तत्कालीन अधिशासी अधिकारी (ईओ) रुद्र प्रताप सिंह, लेखाकार वेद प्रकाश त्रिवेदी और आउटसोर्सिंग कंप्यूटर ऑपरेटर सचिन कुमार वर्मा दोषी पाए गए हैं। डीएम अनुज सिंह ने प्रमुख सचिव नगरीय निकाय को पत्र लिखकर तत्कालीन ईओ रुद्र प्रताप सिंह को निलंबित कर इनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई करने की संस्तुति की है।

यही कार्रवाई लेखाकार वेद प्रकाश त्रिवेदी के विरुद्ध करने की भी संस्तुति की है, जबकि कंप्यूटर ऑपरेटर सचिन कुमार वर्मा के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट जारी करने के निर्देश उप जिलाधिकारी/अधिशासी अधिकारी मिश्रित को दिए हैं। यह आदेश गुरुवार को जारी हुए हैं। स्वच्छ भारत मिशन में घोटाला करने के आरोपी पाए गए तत्कालीन ईओ रुद्र प्रताप सिंह वर्तमान में हरदोई जिले में तैनात हैं।

जागरूकता मद की धनराशि में किया घोटाला : डीएम अनुज सिंह ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन मद में व्यक्तिगत, सामुदायिक शौचालय का प्रचार प्रसार के लिए होर्डिंग/बैनर आदि कार्यों पर दर्शा दिया गया। इस तरह फर्जीवाड़ा कर कुल 39,58,542 रुपए की धनराशि का दुरुपयोग किए जाने के आरोप में पूरे मामले की वित्तीय तकनीकी समिति से जांच कराई थी। इसमें स्वच्छ भारत मिशन की धनराशि में गबन होने की पुष्टि हुई है।

तीन सदस्यीय टीम की जांच में हुआ राजफाश : स्वच्छ भारत मिशन में हुए घोटाले की जांच के लिए जिला अधिकारी अनुज सिंह ने 11 अगस्त को वित्तीय तकनीकी समिति का गठन किया था। इस समिति में एसडीएम मिश्रिख गौरव रंजन श्रीवास्तव अध्यक्ष थे, जबकि जिला प्रबंधक इंडियन बैंक (अग्रणी बैंक) और स्थानीय विकास लेखा परीक्षा विभाग के जिला लेखा परीक्षा अधिकारी सदस्य नामित थे। इन अधिकारियों ने जांच के बाद जिलाधिकारी को अपनी रिपोर्ट 15 सितंबर को सौंपी थी।

संबंधित घोटाले से जुड़े अन्य लोगों के साथ ही दोषियों के भी बयान दर्ज किए थे। जांच अधिकारियों ने अपनी पड़ताल में पाया कि 17 जनवरी 2020 से लेकर छह अप्रैल 2021 तक धीरे-धीरे स्वच्छ भारत मिशन की धनराशि में नगर पालिका के अधिकारियों व कर्मचारियों  ने घोटाला किया है। इस तरह से घोटाले की अवध के बीच में कुल 11 चेकों को जारी किया गया और योजना के कुल 39,58,542 रुपये कैश करा लिए गए।

जिलाधिकारी की कार्रवाई पर एक नजर

  • 11 अगस्त 2022 को प्रकरण की जांच के लिए वित्तीय तकनीकी समिति का गठन।
  • वित्तीय तकनीकी समिति ने 15 सितंबर को जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी।
  • डीएम ने 22 सितंबर को प्रमुख सचिव नगर विकास को ईओ रुद्र प्रताप सिंह को निलंबित कर उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए लिखा पढ़ी की।
  • 22 सितंबर को ही डीएम ने लेखाकार वेद प्रकाश त्रिवेदी को निलंबन एवं उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।
  • 22 सितंबर को ही आउटसोर्सिंग कंप्यूटर आपरेटर सचिन कुमार वर्मा के विरुद्ध प्राथमिक सूचना रिपोर्ट दर्ज कराए जाने को अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को आदेशित किया है।

Edited By: Vrinda Srivastava