राम मंदिर से चढ़ावा चोरी की एसआईटी जांच से पहले ही खलबली, तीर्थ क्षेत्र के पदाधिकारियों की तबीयत खराब
Ram Mandir Donation Sacm: विनय कटियार ने चेतावनी दी है कि कल वो खुद पहुंचकर चोरों को भगाएंगे वरना ये सब जेल जाएंगे।

श्री रामजन्मभूमि मंदिर
HighLights
एफआईआर के बिना ही एसआईटी जांच के आदेश पर भी सवाल
महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र पर लगाए गए गंभीर आरोप
डिजिटल डेस्क, अयोध्या। श्री रामजन्मभूमि परिसर के मंदिरों के दानपात्रों की धनराशि में गबन (चढ़ावा चोरी) मामले की एसआईटी जांच शुरू होने से पहले अयोध्या में बड़ी हलचल है। सूत्रों के मुताबिक, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की तबीयत खराब बताई जा रही है। उन्हें जुकाम के साथ शुगर बढ़ने की शिकायत बताई गई है।
इसी बीच जानकारी मिल रही है कि ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा भी फिलहाल अयोध्या में नहीं हैं और इलाज के सिलसिले में बाहर गए बताए जा रहे हैं। एफआईआर के बिना ही एसआईटी जांच के आदेश पर भी सवाल उठ रहे हैं। ट्रस्टी चंपत राय और अनिल मिश्रा सवालों के घेरे में हैं।
धर्मसेना प्रमुख संतोष दुबे ने चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र पर भी गंभीर आरोप लगाए। चंपत राय के करीबियों के बारे में संतों के बीच चर्चा है कि सबने मोटा पैसा बनाया और चंपत राय अपने चेलों पर आंख मूंदे रहते थे। अब SIT किन बिंदुओं की जांच करेगी और उसे कितना अधिकार रहेगा जांच के अंदर तक जाने का ये देखने वाली बात होगी, लेकिन फिलहाल घपलेबाजों के मन से पुलिस छापे और अरेस्टिंग का डर कम हो गया है।
विनय कटियार ने चेतावनी दी है कि कल वो खुद पहुंचकर चोरों को भगाएंगे वरना ये सब जेल जाएंगे। उनकी धमकी के बाद विश्व हिंदू परिषद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके जांच की बात कही है, लेकिन कटियार अड़े हुए हैं। कटियार को मनाने का मैनेजमेंट चल रहा हैं। खास बात यह है कि चढ़ावा गबन प्रकरण में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा की भूमिका को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
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उत्तर प्रदेश सरकार की एसआईटी सोमवार को सुबह अयोध्या पहुंच सकती है और जांच प्रक्रिया शुरू हो सकती है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब जांच शुरू होने जा रही है, तो ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारी जांच टीम के सामने कब और कैसे पेश होंगे।
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चढ़ावे में कथित करोड़ों के हेरफेर, रिकवरी और अब तक एफआईआर न होने के बीच यह मामला और संवेदनशील हो गया है। एसआईटी जांच अब सिर्फ कर्मचारियों तक सीमित रहेगी या ट्रस्ट के बड़े नामों से भी पूछताछ होगी। सबकी नजर इसी पर है।
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