लखनऊ (जेएनएन)। समाजवादी पार्टी से अलग होकर समाजवादी सेक्युलर मोर्चा बनाने वाले पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने साफ कर दिया कि वह अपने उठाए कदम को वापस नहीं लेंगे। उन्होंने कहा कि नेताजी का आशीर्वाद लेकर यह कदम उठाया है। समाजवादी पार्टी की आजीवन सेवा की बदले में कोई पद नहीं मांगा। बस सम्मान मांगा था। मैं नहीं चाहता था कि अलग होकर कभी चुनाव लड़ूं। अब तैयारी शुरू कर दी है। जल्द ही मंडल प्रभारी के साथ हर जिले की कार्यकारिणी गठित कर दी जाएगी। महाभारत चापलूसों, ठगों और शकुनि मामा जैसे लोगों के कारण हुई थी। इस महाभारत में भी जीत धर्म की होगी। शिवपाल सिंह यादव मंगलवार को बौद्ध शोध संस्थान में आयोजित श्री कृष्ण वाहिनी के राज्य प्रतिनिधि सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।


शिवपाल के निशाने पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनकी सरकार के कुछ मंत्री भी रहे। बिना नाम लिए उन्होंने कहा कि सत्ता का मद नाश कर देता है। रावण, कंस और दुर्योधन का नाश सत्ता के मद के कारण हुआ। जो बड़े आदमी हुए अधिकांश लोगों पर संकट पड़ा। उन्होंने कहा कि शरीर के साथ दिमाग से भी स्वस्थ रहना जरूरी है। कभी-कभी दिमाग कुछ गड़बड़ हो जाता है। मामा और भांजे का रिश्ता बहुत पवित्र है लेकिन, आज भी कंस पैदा होते हैं। उन्होंने कहा कि मुझे ही हराने में मेरी पार्टी लगी हुई थी। मेरे खिलाफ एक अपराधी चुनाव लड़ रहा था और पार्टी के कुछ लोग उसकी मदद कर रहे थे। इस पर भी मैं 53 हजार वोटों से जीता।



नेताजी का साथ नहीं छोड़ा
शिवपाल ने कहा कि जब हाईस्कूल में था तब ही नेताजी के साथ जुड़ गया। नेताजी के साथ बहुत परिवर्तन और उतार चढ़ाव देखे। सोचा था कि खेती बाड़ी या नौकरी करेंगे। एक इंटर कॉलेज में नौकरी भी लग गई, लेकिन आना तो राजनीति में था। सन 1972 में पर्ची बनाता था पोस्टर लगाता था। नेताजी की चिट्ठी को साइकिल से बांटता था। उस समय वाट्सएप और फेसबुक का दौर नहीं था। साइकिल भी मुश्किल से मिल पाती थी। मोटरसाइकिल मिलती थी तो लगता था हेलीकॉप्टर मिल गया। चुनाव के समय तीन से लेकर छह महीने साइकिल चलाना पड़ता था।

नहीं बनना है सीएम
पिछली सरकार में मैने यही कहा था कि चोरी तो बर्दाश्त है लेकिन, डकैती नहीं। समय ऐसा था कुछ नहीं कर सकता था। मैने रजत जयंती समारोह में ही लाखों लोगों के बीच कहा था कि मुझे कुछ नहीं चाहिए केवल सम्मान होना चाहिए। स्टैंप पर लिखवा लो सीएम नहीं बनना है। पुलिस भर्ती में मुझे बदनाम किया गया।
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लखनऊ में आज श्रीकृष्ण वाहिनी संस्था के राज्य सम्मेलन में शिवपाल सिंह यादव को काफी महिमा मंडित किया गया। उनके ऊपर गीत की रचना की गई और 2022 में उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री तक बता दिया गया। आज शिवपाल यादव जैसे ही कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पहुंचे वैैसे ही लोगों ने नारे लगाने शुरू कर दिया और कहा कि चाचा तुम संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ है।

राज्य सम्मेलन में बड़ी संख्या में श्रीकृष्ण वाहिनी के कार्यकर्ता एकत्र थे। शिवपाल को इससे नई ताकत मिलती दिख रही है। इतना ही नहीं लोगों ने शिवपाल को लेकर बड़ी बात कहते नजर आ रहे हैं और कहा कि जिस तरह से भगवान राम ने 14 साल का वनवास काटा है ठीक उसी तरह से शिवपाल ने डेढ़ वर्ष का वनवास काटा है। अगले चुनाव बात दिया जायेंगा कि यूपी का नौजवान अखिलेश के साथ नहीं है बल्कि शिवपाल यादव के साथ है। इसके साथ ही कार्यकताओं ने शिवपाल को अगला सीएम बनाने के लिए प्रण किया है।

शिवपाल यादव भी इस उत्साह से काफी खुश नजर आ रहे हैं और उन्होंने इससे पहले कहा था कि उनको नेताजी का आर्शिवाद प्राप्त है और समाजवादी सेक्यूलर मोर्चा केवल मुलायम और अपने अपमान के चलते बनी है।  

Posted By: Dharmendra Pandey