लखनऊ, जेएनएन। श्रीराम की नगरी अयोध्या पर फिल्म बनाने वाले उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने राम मंदिर निर्माण के 51 हजार रुपये देने की घोषणा की है। रिजवी ने कहा कि हम मंदिर निर्माण की दिशा में राम जन्मभूमि न्यास को वसीम रिजवी फिल्म्स की ओर से 51,000 रुपये दे रहे हैं।

एक प्रेस रिलीज में गुरुवार को रिजवी ने कहा कि शिया बोर्ड ने मंदिर का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि इमामे हिंद, भगवान श्रीराम, जो हम सभी मुसलमानों के भी पूर्वज हैं, उनके राम मंदिर निर्माण के लिए वसीम रिजवी फिल्मस 51 हजार रुपये की भेंट राम जन्म भूमि न्यास को दे रही है। उन्होंने बयान में कहा गया कि भविष्य में जब भी राम मंदिर का निर्माण होगा शिया वक्फ बोर्ड की तरफ से उसमें भी मदद की जाएगी। उन्होंने साथ ही कहा कि अयोध्या में राम मंदिर पूरी दुनिया के साथ ही भारत में भी 'रामभक्तों' के लिए गर्व का मामला है। रिजवी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का जो फैसला आया है वही एक अकेला रास्ता था जिससे यह मामला सुलझ सकता था। अब हिन्दुस्तान में राम जन्मभूमि के स्थान पर दुनिया का सबसे सुंदर राम मंदिर बनाने की तैयारी हो रही है। रामालय ट्रस्ट ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए सबसे सक्षम होने का दावा किया, हमने पीएमओ को इस बाबत ज्ञापन सौंपा था।

उन्होंने आगे कहा कि 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट के सर्वसम्मत फैसले ने निर्माण का रास्ता साफ कर दिया था। अयोध्या में विवादित स्थल पर एक राम मंदिर, अदालत ने केंद्र को सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद बनाने के लिए अलग से पांच एकड़ का भूखंड आवंटित करने का भी निर्देश दिया है। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण और सुप्रीम कोर्ट का फैसला 'सबसे अच्छा फैसला' था जो संभव हो सकता था। राम जन्मभूमि पर एक भव्य मंदिर के निर्माण की तैयारी चल रही है।  

कट्टर मुस्लिम समाज में नकारात्मक छवि के लिए सुर्खियां बटोरने वाले वसीम रिजवी राम मंदिर पर अपने विचार को अब सिनेमा के माध्यम से पूरे देश में पहुंचाने जा रहे हैं। इन दिनों वसीम रिजवी अयोध्या राम मंदिर को लेकर बनने वाली अपनी फिल्म की वजह से खूब चर्चा में हैं। उनकी इस फिल्म को लेकर कई जगह विरोध की भी आवाजें उठ रही हैं। उत्तर प्रदेश शिया सेन्ट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी। यह एक ऐसे मुस्लिम हैं जो कई मुद्दों पर कथित रूप से प्रगतिशील विचार रखते हैं। इनके बयान हमेशा से ही मीडिया में सुर्खियां बनते हैं। चाहे बाबरी मस्जिद की बात हो या तीन तलाक की या फिर मदरसों में शिक्षा की रिजवी के कड़वे बयान लोगों को विचार करने पर मजबूर कर देते हैं, लेकिन उनके विचार निजी है या राजनीति से प्रभावित इस पर खुलकर नहीं कहा जा सकता है।

Posted By: Dharmendra Pandey

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