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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 26, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi Violence : वसीम रिजवी ने कहा, AIMIM नेता वारिस पठान के बयान का नतीजा है हिंसा

By Umesh TiwariEdited By:
Published: Wed, 26 Feb 2020 02:30 PM (IST)Updated: Thu, 27 Feb 2020 11:17 AM (IST)

Delhi Violence शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने दिल्ली में तीन दिनों से हो रही हिंसा के लिए एआईएमआईएम के नेता वारिस पठान को जिम्मेदार ठहराया है।

Delhi Violence : वसीम रिजवी ने कहा, AIMIM नेता वारिस पठान के बयान का नतीजा है हिंसा
Delhi Violence : वसीम रिजवी ने कहा, AIMIM नेता वारिस पठान के बयान का नतीजा है हिंसा

लखनऊ, जेएनएन। Delhi Violence : शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने दिल्ली में तीन दिनों से हो रही हिंसा के लिए ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता वारिस पठान को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि वारिस पठान के बयान के कारण ही लोग उग्र हो गए हैं। रिजवी ने दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध पर तंज कसते हुए कहा कि यह हिंसा वहां बैठी दादी और नानियों की जिहालत का नतीजा है।

वसीम रिजवी ने लोगों के अपील करते हुए कहा कि सभी से हाथ जोड़कर अपील है कि कांग्रेस के जहर का प्याला लोग न पिएं। कांग्रेस के जाल में फंसकर हुकूमत के खिलाफ माहौल मत बनाओ। हुकूमत, देश और नागरिकता संशोधन कानून हमारा है। आपस में लड़कर मरने वाले को कोई शहीद नहीं कहता है।

बता दें कि शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी लगातार अपने बयानों को लेकर चर्चाओं में बने रहते हैं। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हो रहे विरोध-प्रदर्शनों पर लगातार वह सख्त बयानबाजी करते रहे हैं। उन्होंने हाल ही में एक बयान में कहा कि अगर ऐसे ही हालात रहे तो इस्लामिक दाढ़ी और बगैर मूंछ के डरावने चेहरे हिंदुस्तान की गंगा-जमुनी तहजीब को तार-तार कर देंगे। उन्होंने कहा कि शाहीन बाग जैसे हजारों धरने हो जाएं. लेकिन नागरिकता संशोधन कानून पर कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि शाहीन बाग का धरना हक मांगने कि लड़ाई नहीं है, बल्कि हिंदुओं का हक छीनने की जिद है।