लखनऊ, जेएनएन। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) को लेकर महिलाओं के प्रदर्शन पर शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने बुधवार को टिप्पणी की थी कि यह महिलाएं भोली-भाली नहीं हैं। उन्होंने महिलाओं पर पैसे लेकर प्रदर्शन का आरोप भी लगया था। इसके बाद बुधवार देर रात धरने में शामिल एक्टिविस्ट सैयद जरीन ने हजरतगंज कोतवाली में वसीम रिजवी के खिलाफ तहरीर दी, वहीं गुरुवार सुबह वसीम रिजवी की ओर से भी सैयद जरीन के खिलाफ तहरीर दी गई जिसमें उन्हें धमकाने का आरोप था।  

बता दें कि बुधवार को शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) को लेकर महिलाओं के प्रदर्शन करने वाली महिलाओं पर टिप्पणी की थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि महिलाएं सपा व कांग्रेस की राजनीति का शिकार हो रही हैं। सपा व कांग्रेस इस तरह के प्रदर्शन से बताना चाहती हैं कि भाजपा सरकार में मुस्लिम महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। वसीम रिजवी ने कहा कि प्रदर्शन करने वाली महिलाएं जानती हैं कि सीएए और एनआरसी से उन्हें कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने महिलाओं पर पैसे लेकर प्रदर्शन करने का आरोप भी लगाया। रिजवी ने दावा किया था कि प्रदर्शनकारी महिलाओं में टुकड़े-टुकड़े गैंग की महिलाएं शामिल हैं।

वहीं बुधवार देर रात धरने में शामिल महिलाएं एक्टिविस्ट सैयद जरीन के साथ हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज करवाने पहुंची थी। पुलिस ने उनसे तहरीर की कॉपी ले ली। वहीं गुरुवार को वसीम रिजवी की ओर से भी सैयद जरीन के खिलाफ धमकाने का मामला दर्ज हुआ। 

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Posted By: Anurag Gupta

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