लखनऊ, जागरण संवाददाता। संजय गांधी पीजीआई का एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में कोरोना लहर के लगभग 20 माह बाद फिर से शुरू किया जाएगा। इसमें अगले महीने से इमरजेंसी के साथ मरीजों की भर्ती और ओपीडी सेवाएं शुरू हो जाएंगी। इमरजेंसी सेवाओं से लेकर आपरेशन की सुविधा भी 24 घंटे मिलेगी। यहां फ्रैक्चर, हेड इंजरी व अन्य जरूरी छोटे एवं बड़े सभी आपरेशन होंगे। आर्थो, जनरल सर्जन, न्यूरोसर्जन समेत दूसरे जरूरी डॉक्टर उपलब्ध हैं। जरूरत पड़ने पर संस्थान के डॉक्टरों की मदद ली जाएगी।

संस्थान प्रशासन के मुताबिक ट्रामा सेंटर के संचालन की मंजूरी दे दी गई है। यहां बने कोविड अस्पताल को पुरानी बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया गया। ट्रामा सेंटर में इमरजेंसी, जनरल वार्ड व आईसीयू समेत आपरेशन थियेटर तैयार किया जा रहा है। पैथालॉजी, एक्सरे, अल्टा साउंड, सिटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध है।

50 बेड पर होगा इलाज: संस्थान के निदेशक डॉ. आरके धीमन बताते हैं कि पहले चरण में 50 बेड पर मरीजों की भर्ती शुरू होगी। इसमें करीब 10 की इमरजेंसी, आईसीयू और जनरल वार्ड में 40 बेड होंगे। दो आपरेशन थियेटर हैं। ट्रामा मे पहले की तरह ओपीडी चलेगी। नवीन ओपीडी में संचालित हड्डी रोग विभाग की ओपीडी ट्रामा में शिफ्ट। इसके अलावा न्यूरो सर्जरी, जनरल सर्जरी, दांत आदि की सुविधा भी मिलेगी। प्रदेश में कोरोना के मामले बढ़ने पर सरकार ने अप्रैल 2020 में एपेक्स ट्रामा सेंटर को राजधानी कोविड अस्पताल में तब्दील कर दिया था। तब से यहां ट्रामा मरीजों का इलाज मिलना बंद हो गया था। उस समय यहां 110 बेड पर मरीजों को इलाज मिल रहा था। डॉ. धीमन कहते हैं कि आगे चरणबद्ध तरीके से ट्रामा के सभी 210 बेड पर क्रियाशील किये जाएंगे।

अलीगंज-आलमबाग और टूडियागंज में डेंगू के 24 नए मरीज: राजधानी के कुछ विशेष क्षेत्रों में डेंगू के नए मरीज रोजाना मिल रहे हैं। रविवार को आलमबाग, अलीगंज, टूडियागंज, सिल्वर जुबली, चिनहट, इंदिरानगर, एनके रोड इत्यादि जगहों पर फिर 24 नए रोगी पाए गए। पिछले तीन हफ्ते में इन क्षेत्रों में 300 डेंगू मरीज मिल चुके हैं। मगर मच्छरों की रोकथाम करने में स्वास्थ्य विभाग नाकाम साबित हुआ है। जिला मलेरिया विभाग ने रविवार को लखनऊ के विभिन्न मोहल्लों और कालोनियों के 1407 घरों में मच्छरजनक स्थितियों का निरीक्षण किया। इस दौरान आठ घरों में लारवा मिलने पर उन्हें नोटिस दिया गया। साथ ही मौके पर एंटी लारवा कार्रवाई की गई।

Edited By: Rafiya Naz