लखनऊ, जेएनएन। कांग्रेस जिस तरह से काम कर रही है, ऐसे तो यूपी में खड़ी न हो पाएगी। यह समीक्षा या तंज किसी विरोधी दल का नहीं, बल्कि कांग्रेस के उन बुजुर्ग नेताओं की आह है, जो खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। नेहरू जयंती मनाने के नाम पर राजधानी में जुटे वरिष्ठ कांग्रेसियों ने बैठक कर अपनी कुंठा जाहिर की और निर्णय लिया है कि जल्द ही इन हालात से पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी अवगत कराएंगे।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने गुरुवार को गोमती नगर स्थित पूर्व सांसद डॉ. संतोष सिंह के आवास पर बैठक की। असंतुष्टों की इस जमात में लगभग एक दर्जन पूर्व विधायक भी शामिल थे। बारी-बारी से सभी ने पार्टी के मौजूदा हालात पर चिंता जताई। किसी ने कहा कि नेतृत्व ने कुछ पेड वर्कर रख लिए हैं, वही तय कर रहे हैं कि कौन प्रदेश का और कौन जिला संगठन में पदाधिकारी होगा। ऐसे कार्यकर्ताओं को पदाधिकारी बना दिया गया है, जो प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य नहीं है, जिन्हें दल की समझ तक नहीं है।

कुछ ने कहा कि लगातार वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर दूसरे दलों से गठबंधन के फैसले लिए गए, जिससे पार्टी की यह हालत हुई है। कांग्रेसियों ने हाईकमान की सुस्ती पर भी असंतोष जताया। कहा कि पार्टी हित में नेतृत्व को जल्द फैसले लेने चाहिए। इसके अलावा यह एक साझा शिकवा था कि 40-50 वर्ष से कांग्रेस में काम कर रहे कार्यकर्ताओं को अब बुजुर्ग और बेकार समझकर किनारे क्यों कर दिया गया। निर्णय लिया गया कि जल्द ही पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलकर अपनी बात रखेंगे।

हम किसी निर्णय में शामिल नहीं थे

इन वरिष्ठ कांग्रेसियों से सवाल किया गया कि आपको लगता है कि नए लोग कुछ नहीं कर पाएंगे, मगर, इतने समय में आपने क्या किया? पार्टी क्यों खड़ी नहीं कर पाए? इस पर पूर्व विधायक भूधर नारायण मिश्र बोले कि बात आज की नहीं, पिछले दस-पंद्रह वर्षों से अलग तरह के फैसले लिए जा रहे हैं। बैठक में जो शामिल हुए हैं, इनमें से कोई किसी निर्णय में शामिल नहीं रहा। बैठक में पूर्व मंत्री रामकिशन द्विवेदी, सत्यदेव त्रिपाठी, स्वयंप्रकाश गोस्वामी, राजेंद्र सिंह सोलंकी, विनोद चौधरी, नेकचंद पांडेय, सिराज मेंहदी, केके शर्मा आदि उपस्थित थे। 

Posted By: Umesh Tiwari

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