लखनऊ[जागरण संवाददाता]। लखनऊ विश्वविद्यालय (लविवि) व डिग्री कॉलेजों में बीए, बीएससी व बीकॉम में नए शैक्षिक सत्र 2018-19 से सेमेस्टर सिस्टम लागू कर दिया गया है। अभी तक इन तीन कोर्सेज में ही सेमेस्टर प्रणाली लागू नहीं थी। गुरुवार यानी 16 मई को लविवि के मालवीय सभागार में कुलपति प्रो. एसपी सिंह की अध्यक्षता में हुई एकेडमिक काउंसिल की बैठक में इन कोर्सेज में भी सेमेस्टर सिस्टम लागू करने पर मुहर लगा दी गई। वहीं, इन तीनों कोर्सेज के नए सिलेबस को भी हरी झडी दे दी गई। लविवि सूबे में पहली यूनिवर्सिटी होगी जिसने अपने सिलेबस का पीयर रिव्यू करवाया है। यानी बोर्ड ऑफ स्टडीज व फैकल्टी बोर्ड से पास हुए सिलेबस को बाहरी एक्सपर्ट की कमेटी ने रिव्यू कर अंतिम रूप दिया है। कोर्स को रोजगारपरक बनाने पर जोर दिया गया है। कुलपति प्रो. एसपी सिंह ने बताया कि बीए, बीएससी व बीकॉम में अब तीन वर्ष में छह सेमेस्टर में पढ़ाई पूरी करवाई जाएगी। एक सेमेस्टर में छह प्रश्नपत्र होंगे। इस तरह छह सेमेस्टर में कुल 36 पेपर पढ़ने होंगे। इसमें 80 अंक की थ्योरी होगी और 20 अंक का आतरिक मूल्याकन होगा। आतरिक मूल्याकन में 20 अंकों को विभाजित किया गया है। इसमें दस अंक का प्रोजेक्ट, पाच अंक का प्रोजेक्ट प्रेजेंटेशन और पाच अंक उपस्थिति व जनरल बिहेवियर के होंगे। वहीं बीएससी में अब सेमेस्टर प्रणाली लागू होने के बाद एक साल में एक सेमेस्टर में ही प्रायोगिक पढ़ाई करवाई जाएगी। वहीं सिलेबस को रोजगारपरक और वर्तमान समय के अनुसार सेमेस्टर में बाटते हुए अपडेट व अपग्रेड किया गया है। सभी विभागों की बोर्ड ऑफ स्टडीज, विभिन्न फैकल्टी के फैकल्टी बोर्ड से पास करवाने के बाद कुलपति ने एकेडमिक काउंसिल के चेयरमैन की शक्ति का प्रयोग कर इस सिलेबस को दो बाहर के एक्सपर्ट से रिव्यू करवाया। इसमें कई विभागों के सिलेबस में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन भी हुए। यह पहला मौका है जब लविवि ने पीयर रिव्यू करवाया है। भूगर्भ विज्ञान विभाग के प्रो. विभूति राय ने सवाल उठाया कि यूजीसी की गाइड लाइन के अनुसार ही सिलेबस तैयार करना होता है, सिर्फ 20 प्रतिशत सिलेबस ही हम बदल सकते हैं। ऐसे में कई विभागों में काफी सिलेबस बदला है, इससे नैक मूल्याकन में दिक्कत तो नहीं होगी। कुलपति बोले पीयर रिव्यू एकदम एडवास चीज है। हम सभी यूनिवर्सिटीज से आगे निकल गए हैं। इसका फायदा नैक में मिलेगा। दूसरी ओर बीए एजुकेशन में तीसरे वर्ष मनोविज्ञान का प्रैक्टिकल करवाया जाता था अब 20 अंक का आतरिक मूल्याकन होगा। पुरोहित सहित छह सर्टिफिकेट कोर्सेज को मंजूरी

लविवि में जल्द ही छह नए सर्टिफिकेट कोर्स शुरू होंगे। छह-छह महीने के इन कोर्सेज को शासन ने भी अपनी मंजूरी दे दी है। इसमें अभिनव गुप्त संस्कृत शोध संस्थान में पुरोहित का कोर्स और जैन धर्म व बौद्ध धर्म का छह महीने का सर्टिफिकेट कोर्स शुरू होगा। इसके अलावा हंिदूी विभाग में बाल साहित्य लेखन और पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में वीडियो एडिटिंग का कोर्स शुरू होगा। इसे एकेडमिक काउंसिल ने मंजूरी दे दी है। बीकॉम छठे सेमेस्टर में मौखिक परीक्षा नहीं, नया पेपर पढ़ाना होगा बीकॉम के छठे सेमेस्टर में 100 अंक की मौखिक परीक्षा कराने का प्रस्ताव कॉमर्स विभाग के डॉ. अवधेश कुमार त्रिपाठी ने रखा। प्राक्टर प्रो. विनोद सिंह ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि हर सेमेस्टर में आतरिक मूल्याकन के 20 अंक हैं। ऐसे में छठे सेमेस्टर में मौखिक परीक्षा के 100 अंक रखना न्यायोचित नहीं है। फिलहाल एकेडमिक काउंसिल ने मौखिक परीक्षा के प्रस्ताव को खारिज करते हुए नया पेपर पढ़ाने पर मुहर लगाई। सबकुछ अब ऑनलाइन होगा

सेमेस्टर परीक्षा में आतरिक मूल्याकन के अंक अब ऑनलाइन भरने होंगे। यह व्यवस्था की जा रही है। एकेडमिक काउंसिल की बैठक में फिजिक्स के प्रो. बालक दास ने कहा कि एजेंडा ऑनलाइन ही भेज दिया जाए तो अच्छा होगा। क्योंकि इसकी हार्ड कॉपी नहीं दी गई। इस पर कुलपति प्रो. एसपी सिंह ने कहा कि बैठक के बाद पूरे मिनिट्स ऑनलाइन होंगे। यही नहीं टीचर्स अपनी एप्लीकेशन भी ऑनलाइन दे सकेंगे।

बीएससी में एक साल में एक सेमेस्टर में ही होगा प्रैक्टिकल

बाबूगिरी के फेर में फिसल गई थी इंजीनियरिंग फैकल्टी1लविवि में इंजीनियरिंग फैकल्टी, मेडिकल फैकल्टी व आर्किटेक्चर फैकल्टी खोलने का परिनियमावली में प्रावधान है, मगर करीब 12 वर्ष पहले केजीएमयू में न्यूरो सर्जरी विभाग खोलने का प्रस्ताव राजभवन में भेजा गया। उसमें लविवि से भी आख्या ली गई। यहा बाबूगिरी के फेर में राज्यपाल सचिवालय को गलत जानकारी देने वाला फुट नोट तैयार कर दिया गया और लविवि परिनियमावली के पृष्ठ 29 के फुट नोट से इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी फैकल्टी विलोपित कर दी गई। जो गलत था, अब इसे संशोधित एकेडमिक काउंसिल में संशोधित करते हुए कुलाधिपति के संज्ञानार्थ पत्र भेजा जा रहा है। फिजिक्स विभाग के प्रो. बालक दास ने इसके सिलेबस को अपडेट करने व एक अलग फैकल्टी बनाने या साइंस फैकल्टी में शामिल करने की माग की। कुलपति ने कहा कि अभी इसे अपने पैर पर खड़ा होने दें। अभी एकेटीयू का सिलेबस ही पढ़ाया जाएगा।

पत्रकारिता विभाग में बनेगा ई स्टूडियो, शासन करेगा मदद

लविवि के पत्रकारिता विभाग में ई स्टूडियो बनेगा। शासन इसके लिए मदद देने को तैयार है। एकेडमिक काउंसिल की बैठक में बताया गया कि इसके लिए 41 लाख रुपये के बजट के प्रस्ताव पर शासन ने स्पष्टीकरण मागा है। रजिस्ट्रार प्रो. आरके सिंह ने बताया कि किस मद में कितनी रकम खर्च होगी इसका ब्योरा भेजा जा रहा है।

By Jagran