लखनऊ, जेएनएन। हजरतगंज स्थित एचडीएफसी बैंक में कैश वैन के साथ गए सुरक्षा गार्ड स्वामी दयाल त्रिपाठी (55) की संदिग्ध हालात में चली गोली से मौत हो गई। गार्ड बैंक किनारे सीढ़ी के पास बंदूक की नाल के ऊपर दोनों हाथ रखकर बैठा था, तभी बंदूक का ट्रिगर दब गया और गोली उसके सिर के आरपार हो गई। दोनों हाथ की अंगुलियां भी उड़ गईं। गोली हाफ कट लाइसेंसी 12 बोर की बंदूक से चली थी। 

मूलरूप से सुलतानपुर निवासी स्वामी दयाल त्रिपाठी गोमतीनगर के विरामखंड में परिवार संग रहते थे। वह आलमबाग स्थित अलायंस सिक्योरिटी कंपनी में कार्यरत थे। मौजूदा समय में वह सीएमएस कंपनी में तैनात थे। शुक्रवार की शाम चार बजे स्वामी दयाल कैश वैन से रुपये लेकर जवाहर भवन के सामने एचडीएफसी बैंक पहुंचे थे। उसके साथ कस्टेडियन नरेश दुबे और चालक सचिन मौजूद थे।

गोली की आवाज सुनकर दौड़े लोग 

कस्टोडियन कैश लेकर बैंक के अंदर चला गया। स्वामी दयाल बैंक के पास सीढ़ी किनारे बैठ गए। इसी बीच अचानक लोगों ने गोली चलने की आवाज सुनी। लोग दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे तो देखा कि स्वामी दयाल खून से लथपथ पड़े थे और पास में ही बंदूक भी पड़ी थी। मौके पर मौजूद कैश वैन चालक राजेश रावत व अन्य कर्मचारी उसे सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

एरिया मैनेजर के साथ पुलिस ने बताया हादसा

इंस्पेक्टर हजरतगंज राधारमण सिंह और कंपनी के एरिया मैनेजर अमित श्रीवास्तव ने बताया कि गार्ड बंदूक की नली साफ कर रहा था, तभी अचानक गोली चल गई। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने गार्ड की बंदूक, चश्मे और खून के नमूनों को लेकर जांच के लिए भेजा है।

दीपावली से पहले परिवार को मिली मौत की खबर

गार्ड स्वामी दयाल के परिवार में पत्नी और तीन बेटे हैं। उसकी मौत की खबर जब कंपनी के लोगों ने परिवारजनों को दी तो परिवार में कोहराम मच गया। वह परिवार के साथ दीपावली पर गांव जाने वाले थे।

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