लखनऊ, राज्य ब्यूरो। अवैध मतांतरण के सिंडीकेट में हवाला कारोबारियों की भी अहम भूमिका है। मौलाना उमर गौतम व मौलाना कलीम सिद्दीकी की संस्थाओं के खातों में की गई फंडिंग की छानबीन में इसके पुख्ता प्रमाण मिले हैं। आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) अब दिल्ली व महाराष्ट्र के कुछ हवाला कारोबारियों की तलाश में जुटा है। उनके हाथ आने पर इस सिंडीकेट के जरिए देश के अलग-अलग कोनों में अवैध मतांतरण के लिए हवाला के जरिये भेजी जा रही रकम की जानकारी हो सकेगी। 

एटीएस ने जून माह में गुजरात के अहमदाबाद से आरोपित सलाहुद्दीन जैनुद्दीन शेख को गिरफ्तार किया था, जिसके तार हवाला नेटवर्क से जुड़े थे। उमर गौतम की संस्था के खातों की छानबीन के दौरान उसकी भूमिका सामने आई थी जिसके बाद इस दिशा में छानबीन तेज की गई थी। एटीएस को अब मौलाना कलीम की संस्थाओं के खातों की छानबीन के दौरान भी अहम जानकारियां लगी हैं। अवैध मतांतरण के मामले में अब तक की छानबीन में करीब 80 करोड़ रुपये की फंडिंग के साक्ष्य जुटाए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि आरोपितों के मोबाइल से भी कई संदिग्धों के नंबर मिले हैं, जिनका सीधा संपर्क मौलाना उमर व मौलाना कलीम से रहा है। उनके बारे में और जानकारियां जुटाई जा रही हैं।

दूसरी ओर मौलाना कलीम की संस्थाओं के कुछ अन्य खातों की भी जानकारी जुटाई गई है। इन खातों में बीते पांच वर्षों में हुए लेनदेन का ब्योरा जुटाया जा रहा है। आरोपितों के खातों में यूके, अमेरिका व अन्य खाड़ी देशों से भेजी गई रकम को लेकर पड़ताल तेज की गई है। एटीएस इससे जुड़ी और जानकारियां जुटाने के बाद मौलाना कलीम से जेल में पूछताछ करने की तैयारी भी कर रही है। इसके साथ ही फंडिंग की रकम से खरीदी गईं संपत्तियों को लेकर भी अहम जानकारियां हाथ लगी हैं। एटीएस इन संपत्तियों को लेकर भी मौलाना कलीम से पूछताछ करेगी।

Edited By: Vikas Mishra