लखनऊ (जेएनएन)। प्रदेश सरकार स्कूल, अस्पताल व न्यायालयों के पास साइलेंस जोन घोषित करने जा रही है। इसके लिए सरकार ने सभी जिलाधिकारियों से प्रस्ताव मांगे हैं। सरकार की अधिसूचना के बाद साइलेंस जोन के 100 मीटर दायरे में ध्वनि प्रदूषण करने पर सीधे जेल जाना पड़ सकता है।

कहां कितना होना चाहिए ध्वनि का स्तर

एरिया/जोन-दिन में (सुबह छह से रात 10 बजे)-रात में (डीबी में)

  • इंडस्ट्रियल-75-70
  • कॉमर्शियल-65-55
  • रेजीडेंशियल-55-45
  • साइलेंस जोन-50-40

यूं तो प्रदेश में प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम 2000 लागू हैं। इसके तहत प्रदेश सरकार को अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों व न्यायालयों के चारों ओर 100 मीटर क्षेत्र को शांत क्षेत्र (साइलेंस जोन) घोषित किया जाना था। लेकिन, अभी तक सरकार ने प्रदेश में एक भी क्षेत्र को साइलेंस जोन घोषित नहीं किया है। यह नियम केवल कागजों पर चल रहा है। 

सरकार की इस हीलाहवाली के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका मोतीलाल यादव बनाम राज्य सरकार व अन्य चल रही है। इसमें ध्वनि नियम 2000 को पूर्णतया लागू करवाने की अपील हाईकोर्ट से की गई है। इस मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को होनी है। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार अब हरकत में आ गई है। ध्वनि नियम में जिलाधिकारियों को प्राधिकारी घोषित किया गया है। 

इसलिए सरकार ने सभी जिलाधिकारियों से अपने-अपने यहां के स्कूल, अस्पताल व न्यायालयों के पास साइलेंस जोन घोषित करने के लिए प्रस्ताव मांगे हैं। डीएम के प्रस्ताव आने के बाद सरकार इन क्षेत्रों को साइलेंस जोन में अधिसूचित करेगी। इसके बाद शांत क्षेत्र में मानक से अधिक ध्वनि प्रदूषण करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

 

By Nawal Mishra