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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 21, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Sawan 2022: लखनऊ के बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में सावन मेला शुरू, हजारों की संख्‍या में पहुंच रहे श्रद्धालु

By Vrinda SrivastavaEdited By:
Published: Thu, 21 Jul 2022 03:02 PM (GMT+05:30)

श्रावण मास में मोहान रोड स्थित बुद्धेश्वर महादेव मंदिर के प्रथम ऐतिहासिक सावन मेले में चहुंओर वातावरण भक्तिमय के साथ ...और पढ़ें

बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में सावन मेला शुरू.
बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में सावन मेला शुरू.

लखनऊ [राजेश रावत]। आस्था और विश्वास के श्रावण मास में बाबा बुद्धेश्वर महादेव की स्तुति करने से मनचाहा वरदान मिलता है। श्रावण मास में मोहान रोड स्थित बुद्धेश्वर महादेव मंदिर के प्रथम ऐतिहासिक सावन मेले में चहुंओर वातावरण भक्तिमय के साथ साथ दंडवत परिक्रमा में आस्था, उत्साह व उमंग का अद्भुत संग दिखाई दिया जहां आस्था का यह नजारा हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रहा था।

श्रद्धालुओं के मन में बाबा बुद्धेश्वर महादेव के प्रति आस्था हिलोरे मार रही थी। कुछ इसी श्रद्धा और विश्वास से बुद्धेश्वर महादेव मंदिर की दंडवत परिक्रमा के लिए निकले श्रद्धालुओं की डगर में उमस भरी गर्मी व बारिश भी उनकी आस्था को नहीं डिगा सकी। भक्ती के रस में रमें श्रद्धालु हर हर महादेव, हर हर बम बम, बम बम भोले, ओम नमः शिवाय के जयघोष की ध्वनि में सड़क पर लेटकर बाबा बुद्धेश्वर के दरबार पहुंचे और माथा टेककर आर्शीवाद प्राप्त किया।

वहीं भगवान भोलेनाथ के जयकारों के साथ हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। जहां कोई वाहनों से तो कोई नंगे पैर चलकर बाबा बुद्धेश्वर के दरबार में पहुंचकर बेलपत्र, भांग, धतूरा फल-फूल, कमल पुष्प, दूध, दही, गंगाजल से जलाभिषेक कर सुख समृद्धि की कामना की। वहीं मंदिर परिसर के चारों ओर मेला लगा हुआ था और सीताकुण्ड सरोवर परिसर व बाहर झूले व खानपान की दुकानें सजी हुई थी।

श्री बुद्धेश्वर महादेव मंदिर की महंत लीलापुरी व मंदिर कमेटी सदस्य रामशंकर राजपूत ने बताया कि भक्तों की अधिक भीड़ होने के कारण मंदिर के कपाट देर रात्रि खोल दिए गए थे और भोर तीन बजे महाआरती हुई। महाआरती के समय भक्तों को दर्शन के लिए रोक दिया गया था। आरती होने के बाद पुनः दर्शन होने शुरू हो गए। सुबह पांच बजे पंचमुखी आरती, दोपहर में महाभोग, शाम को इक्यावनमुखी आरती की गई और रात्रि में बुद्धेश्वर महादेव का पुष्पों से भव्य श्रंगार किया गया।

सावन मास में भगवान शिव का दिन तो सोमवार है। लेकिन यहां भगवान शिव के दर्शन बुधवार को होते हैं। लोगों की मान्यता है कि बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में चार बुधवार को भगवान शिव का जलाभिषेक करने से सभी मनौतियां पूर्ण हो जाती हैं। कोरोना काल के दो वर्ष बाद इस बार सावन के प्रथम बुधवार को यहां पर विशाल मेला लगा रहा और भक्तों की काफी भीड़ रही। यह मेला पूरा सावन माह भर लगा रहेगा। भक्तों ने दर्शन के बाद मेले का लुत्फ उठाया। जगह-जगह लगे फास्ट फूड व चाट के ठेलों पर नवयुवक व युवतियों का भीड़ दिखाई पड़ी। तो वहीं महिलाओं व बच्चों ने जमकर रोजमर्रा व घर गृहस्थी के सामानों की खरीदारी की।

ग्रामीण इलाके से सटे बुद्धेश्वर मंदिर के आसपास लगे मेले में चकला, बेलन, कढ़ाई, डलिया, अम्बार, सूप, बेना, तो वहीं सावन में हरी चूड़ियों का बड़ा महत्व होता है। मेले में लगी चूड़ियों की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ जमा रही। तो वहीं भक्तों ने सोन पापड़ी, गुलाब पट्टी व अनरसे की गोलियों की जमकर खरीदारी की। तो वहीं मेले में बच्चे व महिलाओें ने जमकर झूले का आनन्द लिया।