संगीत सोम का सपा प्रमुख पर निशाना, बोले- तुष्टिकरण की राजनीति से नहीं निकल पा रहे बाहर
बीजेपी नेता संगीत सोम ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए उनकी राजनीति को 'औरंगजेबी मानसिकता' वाला ...और पढ़ें

HighLights
संगीत सोम ने अखिलेश यादव को 'औरंगजेबी मानसिकता' वाला बताया।
अखिलेश पर पिता को कैद करने, चाचाओं से विश्वासघात का आरोप।
तुष्टिकरण की राजनीति और डिंपल यादव के अपमान पर भी निशाना साधा।
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के नेता और पूर्व विधायक संगीत सोम ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर अब तक का सबसे तीखा राजनीतिक हमला बोला है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान संगीत सोम ने अखिलेश यादव की राजनीति, पारिवारिक रिश्तों और मीडिया के प्रति उनके रवैये को लेकर उन्हें 'औरंगजेबी मानसिकता' वाला करार दिया। बीजेपी नेता ने साफ कहा कि अखिलेश यादव के विचारों में औरंगजेब पूरी तरह से हावी हो चुका है और वे इस मानसिकता से बाहर नहीं आना चाहते।
पिता को कैद करने और चाचाओं से विश्वासघात का दावा
अखिलेश यादव के पारिवारिक विवादों को ढाल बनाते हुए संगीत सोम ने सत्ता संघर्ष का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश ने औरंगजेब की तर्ज पर ही अपने पिता (मुलायम सिंह यादव) को घर में कैद कर लिया था, जब उन्हें पद से हटाए जाने का अंदेशा हुआ था। इतना ही नहीं, संगीत सोम ने दावा किया कि अखिलेश अपने सगे चाचा रामगोपाल यादव पर बिल्कुल भरोसा नहीं करते और उन पर 24 घंटे सर्विलांस रखते हैं। वहीं, बचपन में गोद में खिलाने और उंगली पकड़कर चलना सिखाने वाले चाचा शिवपाल यादव के साथ किए गए बर्ताव को भी उन्होंने इसी मानसिकता का हिस्सा बताया।
पत्रकारों पर भड़कने की असली वजह
बीजेपी नेता ने अखिलेश यादव के हालिया बयानों और मीडिया से उनके टकराव को भी इसी कड़ी से जोड़ा। उन्होंने कहा कि जब भी कोई पत्रकार सपा प्रमुख से तीखे या असहज करने वाले सवाल पूछता है, तो उनका भड़क जाना कोई संयोग नहीं है। यह उनके अंदर बैठी उसी सत्तावादी और औरंगजेबी सोच का नतीजा है, जो किसी भी तरह के विरोध या सवाल को बर्दाश्त नहीं कर पाती।
तुष्टिकरण की राजनीति और डिंपल यादव का अपमान
संगीत सोम ने सपा प्रमुख पर वोट बैंक की खातिर अपनी ही पत्नी के सम्मान से समझौता करने का गंभीर आरोप लगाया। एक मौलाना द्वारा डिंपल यादव पर की गई कथित टिप्पणी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी ने तुरंत इसका विरोध किया क्योंकि डिंपल प्रदेश की बहू-बेटी हैं। लेकिन, अखिलेश यादव इस मुद्दे पर खामोश रहे। सोम ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि जिस इंसान को केवल मुस्लिम वोट बैंक की चिंता हो और अपनी पत्नी के मान-सम्मान की परवाह न हो, उसकी राजनीतिक मानसिकता को आसानी से समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि अखिलेश प्रदेश की किसी भी बेटी के अपमान पर इसलिए नहीं बोलते क्योंकि वे तुष्टिकरण की राजनीति से घिरे हुए हैं।
