लखनऊ, जेएनएन। कांग्रेस और बसपा के बाद समाजवादी पार्टी ने दिल्ली के तुगलकाबाद क्षेत्र में संत रविदास मंदिर तोड़ने का विरोध करते हुए भाजपा को संत-महात्मा विरोधी करार दिया है। रविवार को जारी बयान में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि संत रविदास मंदिर को तोड़ने से समाज के एक बड़े वर्ग की भावना को ठेस पहुंची है। महान संत रविदास की स्मृति धरोहर के रूप में बने मंदिर से अनुयायियों की श्रद्धा जुड़ी थी। इससे भाजपा का संत-महात्मा विरोधी चेहरा भी उजागर हुआ।

उन्होंने कहा कि भारतीय समाज में गुरु, संत और महात्माओं का सदैव आदर रहा है। उनके अनुयायियों के लिए उनका जीवन दर्शन अनुकरणीय रहा है। उनके विचारों से प्रेरणा लेने वाले भी कम नहीं हैं। संतो-गुरुओं की स्मृति चिरंजीवी रखने के लिए मंदिर निर्माण सदियों से होता रहा है। तुगलकाबाद में संत रविदास मंदिर तोड़ने से क्षुब्ध अनुयायियों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग निंदनीय है।

यादव ने कहा कि सत्याग्रहियों को तत्काल रिहा किया जाए और उन पर दर्ज मुकदमे वापस हों। जनभावना का आदर करते हुए तोड़े गए मंदिर का निर्माण कराया जाए। संत रविदास तो समाज के सभी वर्गों में सम्मानित हैं। उनके पूजा स्थल से खिलवाड़ सभ्य समाज में कैसे बर्दाश्त किया जा सकता है?

Posted By: Umesh Tiwari

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