लखनऊ, जेएनएन। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अपनी सरकार के तीस माह की उपलब्धियों के दावों को झूठ करार देते हुए समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि डबल इंजन वाली योगी सरकार बैलगाड़ी की रफ्तार से चल रही है। ढाई वर्ष में ढ़ाई कोस चलने वाली सरकार के पास बताने के लिए कुछ नहीं है। गुरुवार को मुख्यमंत्री की पत्रकार वार्ता के तुरन्त बाद अखिलेश ने भी सपा मुख्यालय में सरकार की उपलब्धियों को खारिज करते हुए अपने मुख्यमंत्रित्व को ही बेहतर सिद्ध करने की कोशिश की। इस कारण सपा की पत्रकार वार्ता एक घंटा विलंब से आरंभ हो सकी।

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ सरकार की कार्यशैली और सरकार के रिपोर्ट कार्ड पर सवाल उठाए हैं। सपा सुप्रीमो ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार अपने सभी झूठ पर जश्न मना रही है। हम लोगों को लगा डबल इंजन की सरकार ज्यादा काम करेगी। ढाई साल में ढाई कोस भी सरकार नहीं चल पाई है। सरकार डबल इंजन वाली स्पीड से नहीं चल रही बल्कि बैलगाड़ी की स्पीड से चल रही है। अखिलेश यादव ने इसके साथ ही कानून व्यवस्था को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हत्याएं और बेटियों के साथ अपराध बढ़े हैं। सरकार ने कहा कि अराजकता, लूट खसोट और असुरक्षा के माहौल से प्रदेश को युक्त कराया, यह सरकार ने कहा और मीडिया ने लिख दिया मुक्त कराया। हकीकत इससे बिल्कुल ही जुदा है और सभी जानते हैं।

अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। 100 नंबर को बिल्कुल खत्म कर दिया है। सरकार को सबसे ज्यादा नोटिस ह्यूमन राइट कमीशन से मिले हैं। मऊ के नौजवान को बैटरी चोरी के आरोप में पीट-पीटकर मार डाला। रामपुर में शासन-प्रशासन क्या कर रहा है। यूपी में इतनी हत्याएं अब तक नहीं हुईं। जितनी हो रही हैं। सरकार के पास आंकड़े हैं, लेकिन सरकार आंकड़े छिपा रही है। यह तो सभी बातें छुपाकर अपने ढाई वर्ष के कार्यकाल का झूठा जश्न मना रहे हैं।  

अखिलेश यादव ने कहा कि कानून व्यवस्था के मामले में गृह विभाग और सरकार के आंकड़े में बड़ा फर्क है। यूपी में ऐसा कोई शहर नहीं है, जहां बच्चों के साथ घटना नहीं हो रही है। मैनपुरी व सुल्तानपुर में शासन-प्रशासन मौन बैठा है। मैनपुरी में नवोदय विद्याय में 11वीं की छात्रा के साथ घटना हुई, उसे न्याय नहीं मिल रहा। सुल्तानपुर में बेटी के साथ जो हुआ, उसकी कल्पना नहीं की जा सकती। उन्नाव की बेटी को न्याय के लिए खुद आगे आना पड़ता है। उन्नाव की बेटी के पिता की हत्या हो जाती है। उसको फरियाद लेकर के मुख्यमंत्री आवास तक आना पड़ता है।

Posted By: Dharmendra Pandey

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