लखनऊ, जेएनएन। सहारनपुर में टपरी स्थित देशी शराब फैक्ट्री में करोड़ों रुपये की कर चोरी के मामले में पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी का साला अश्वनी कुमार उपाध्याय भी शामिल था। टपरी स्थित देशी शराब फैक्ट्री कोआपरेटिव कंपनी लिमिटेड में सेल्स हेड अश्वनी कुमार अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए बहनोई अमरमणि के लखनऊ में किसान पथ स्थित फार्म हाउस में छिपकर रह रहा था। एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार वह अपने विधायक भांजे अमनमणि त्रिपाठी के लखनऊ स्थित सरकारी आवास में भी शरण लेता था।

अश्वनी कुमार उपाध्याय पर 25 हजार रुपये का इनाम था और एसटीएफ उसकी तलाश कर रही थी। उसने पूछताछ में यह भी बताया है कि फैक्ट्री से एक ही बिल्टी पर दो बार शराब निकालने के लिए आबकारी अधिकारियों को प्रत्येक ट्रक पर करीब साढ़े सात लाख रुपये का भुगतान किया जाता था।

एसटीएफ के एएसपी विशाल विक्रम सिंह ने बताया कि मूलरूप से गाजीपुर के ग्राम मछली पट्टी गहमर निवासी अश्वनी कुमार को लखनऊ में किसान पथ पर अमरमणि त्रिपाठी के फार्म हाउस के पास से गिरफ्तार किया गया है। वह वह वर्ष 2012 से सहारनपुर के टपरी स्थित कोआपरेटिव कंपनी लिमिटेड में सेल्स हेड व लाइजनिंग आफिसर के पद पर काम कर रहा था। इससे पूर्व अन्य शराब फैक्ट्री व शुगर फैक्ट्री में काम कर चुका था।

अश्वनी कुमार उपाध्याय ने बरेली कालेज से 1980 में बीकाम किया था। पूछताछ में उसने बताया कि वह टपरी स्थित फैक्ट्री के मालिक प्रणय अनेजा की दिल्ली स्थित फाइनेंस कंपनी स्टैलर प्राइवेट लिमिटेड का भी लाइजनिंग आफिसर है। फैक्ट्री से देशी शराब गोदाम में भिजवाने व उसका पेमेंट कंपनी के खाते में जमा कराने के साथ ही कंपनी के अन्य कार्यों की भी जिम्मेदारी उस पर थी।

एसटीएफ ने आरोपित अश्वनी कुमार को मामले की जांच कर रही एसआइटी (विशेष जांच दल) को सौंप दिया हैै। आगे की विधिक कार्यवाही एसआइटी करेगी। इससे पूर्व एसटीएफ ने अगस्त माह में इस मामले में कंपनी के फरार अधिकारी कमल डेनियल को देहरादून (उत्तराखंड) से गिरफ्तार कर एसआइटी के हवाले किया था।

उल्लेखनीय है कि करोड़ों की कर चोरी के मामले की जांच एसआइटी कर रही है। इस मामले में नौ आरोपितों के विरुद्ध कोर्ट में आरोपपत्र भी दाखिल किया जा चुका है। एसआअटी जांच में आबकारी विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से फैक्ट्री से एक बिल्टी व गेट पास पर शराब से लदे ट्रक दो बार बाहर निकालकर 35 करोड़ रुपये से अधिक की कर चोरी का मामला पकड़ा गया था। इस धांधली को एसटीएफ ने पकड़ा था, जिसकी जांच बाद में शासन ने एसआइटी को सौंप दी थी।

Edited By: Umesh Tiwari