- करीब पांच सौ करोड़ की लागत से होना है निर्माण

- चरक चौराहे तक नहीं नीबू पार्क तक बनेगा फ्लाईओवर

- हुसैनगंज से डीएवी चौराहे तक के फ्लाईओवर पर सबसे अधिक खर्च

- डीएम ने अफसरों के साथ सर्वे रिपोर्ट पर की चर्चा

जागरण संवाददाता, लखनऊ : पुराने शहर को जाम से निजात दिलाने के प्रस्तावित पुलों को बनाने के लिए 500 करोड़ से अधिक खर्च होंगे। मंगलवार को जिलाधिकारी के सामने तीनों प्रस्तावित फ्लाईओवर की सर्वे रिपोर्ट रखी गई। डीएम ने कुछ संशोधन के साथ रिपोर्ट सेतु निगम से शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं।

पुराने शहर, खासकर चौक से लेकर नक्खास और नाका तक भीषण जाम लगता है। इससे राहत के लिए केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बीते दिनों फ्लाईओवर बनाने के लिए पैसा केंद्र से दिलाने का आश्वासन दिया था। फिर लखनऊ दौरे के वक्त जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा की गृहमंत्री बात हुई थी। इसी के बाद इस प्रोजेक्ट ने रफ्तार पकड़ी। अब तीनों फ्लाईओवर की सर्वे रिपोर्ट पर मंगलवार को विभिन्न विभागों के साथ चर्चा हुई। डीएम ने सर्वे रिपोर्ट देखने के लिए इसमें मामूली संशोधन करने के निर्देश दिए हैं। अब तीसरा फ्लाईओवर चरक चौराहे तक नहीं बल्कि नींबू पार्क तक आएगा ताकि इसका और उपयोग किया जा सके। डीएम के मुताबिक सेतु निगम द्वारा सर्वे रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। जहां से वह 25 मार्च तक केंद्र सरकार को भेज दी जाएगी। डीएम को उम्मीद है कि वित्तीय वर्ष खत्म होने तक इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिल जाएगी।

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कहां से कहां तक बनेंगे फ्लाईओवर

एक - हुसैनगंज चौराहे से डीएवी कॉलेज तक प्लाईओवर के निर्माण पर करीब 188 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

दो - चरक चौराहे से हैदरगंज तक फ्लाईओवर निर्माण पर 142 करोड़ रुपये लगेंगे।

तीन - चरक चौराहे से मीना बेकरी तक पुल निर्माण पर 70 करोड़ रुपये का प्रस्तावित खर्चा आएगा।

अवस्थापना विस्थापन पर आने वाला खर्च

फ्लाईओवर के निर्माण के दौरान अवस्थापना सुविधाओं का विस्थापन भी किया जाएगा। सर्वे रिपोर्ट में इस पर भी करीब पचास करोड़ रुपये का खर्चा प्रस्तावित है। नगर निगम द्वारा नाली और ड्रेनेज पर 8.28 करोड़ रुपये, जलकल द्वारा सीवर और पेयजल लाइनों के विस्थापन करीब 30 करोड़ रुपये का खर्चा होगा। इसके अलावा स्ट्रीट लाइट पर करीब 3.57 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

By Jagran