लखनऊ, जेएनएन। UP Budget Session 2020 : उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के दूसरे दिन शुक्रवार को विधानसभा परिषद में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) व नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस (NRC) को लेकर तनातनी का माहौल रहा। सरकार के जवाब से नाराज सपा, बसपा, कांग्रेस सदस्यों ने बहिर्गमन किया। विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में नेता विरोधी दल रामगोविंद चौधरी और संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना के बीच तीखी नोंकझोंक भी हुई।  

विधानसभा में सुबह 11 बजे प्रश्नकाल आरंभ होते ही नेता विरोधी दल रामगोविंद चौधरी व नेता बसपा लालजी वर्मा ने सीएए और कानून व्यवस्था के मुद्दे को लेकर कार्यवाही रोक चर्चा कराने की मांग की गई। विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित ने कहा कि नियम 56 में ही इस मुद्दे को सुना जाएगा, प्रश्नकाल चलने दें। दीक्षित की बसपा और सपा ने नहीं सुनी और नारेबाजी करते हुए बहिर्गमन किया। 

 

वहीं, कांग्रेस की दल नेता आराधना मिश्रा मोना व अजय कुमार लल्लू आदि नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए। हंगामा थमते न देख अध्यक्ष ने 20 मिनट के लिए सदन स्थगित कर दिया। टकराव का दूसरा दौर प्रश्नकाल खत्म होने के बाद शुरू हुआ। नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने सीएए को काला कानून करार देते हुए प्रदर्शनकारियों पर सीधे गोली चलवाने का आरोप लगाया। कहा कि प्रदेश में 25 निर्दोष लोगों की मौत हुई। केवल मुस्लिमों के मारे जाने पर भी सवाल उठाया और सभी घटनाओं की जांच हाईकोर्ट के जज से कराने की मांग की। सपा के उपनेता इकबाल महमूद ने कहा कि जाट और गुर्जर आंदोलन में हुए नुकसान की भरपाई इस तरह नहीं कराई गयी जबकि नेता बसपा लालजी वर्मा ने बुलंदशहर में इंसपेक्टर हत्याकांड में हुए बवाल की क्षति पूर्ति आरोपितों से न कराने पर सवाल खड़ा किया। 

विपक्ष के आरोपों के उत्तर में संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने सीएए के विरोध में हो रहे प्रदर्शन को विपक्ष द्वारा उकसाने का नतीजा बताया। उनका कहना थ कि केवल सात-आठ जिलों में उपद्रव होना विचारणीय है। साथ ही 61 पुलिसवालों के गोलियों से जख्मी होने की जानकारी दी। खन्ना ने कहा कि बसपा शासनकाल में आठ जनवरी 2011 को हिंसक प्रदर्शन में सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई करने का शासनादेश जारी हुआ था। इसके आधार पर ही कार्रवाई की जा रही है। संसदीय कार्यमंत्री ने चेताया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन का स्वागत है परंतु उपद्रव बर्दाश्त नहीं होगा। इस पर कांग्रेस- सपा के सदस्य नारेबाजी करते वेल में पहुंच गए और बसपा ने वाक आउट किया। वेल में हंगामा बढ़ा तो सदन की कार्यवाही आधा घंटे के लिए स्थगित कर दी गई।

 

विधान परिषद में सपा, बसपा व कांग्रेस ने मिलकर किया हंगामा

विधान परिषद में सपा, बसपा व कांग्रेस ने मिलकर सीएए का विरोध कर रहे लोगों के उत्पीडऩ का मुद्दा उठाया। विपक्ष ने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रही महिलाओं के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमें दर्ज किए जा रहे हैं। सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन में हंगामा किया। सपा व कांग्रेस के सदस्य वेल में आ गए। इस कारण सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। 

समाजवादी पार्टी ने कार्यस्थगन प्रस्ताव के रूप सीएए व एनआरसी का मुद्दा उठाया। सपा ने महिलाओं, बुजुर्गों व बच्चों के उत्पीडऩ के आरोप लगाए। सपा सदस्य राजेश यादव ने कहा कि लखनऊ, कानपुर, मुरादाबाद, वाराणसी, प्रयागराज, आजमगढ़, अमरोहा आदि में 50 से अधिक स्थानों पर महिलाएं इस काले कानून के खिलाफ धरना दे रही हैं। सरकार के इशारे पर पुलिस इनका उत्पीडऩ कर रही है। 

सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने कहा कि भाजपा सरकार हिन्दू-मुस्लिम का झगड़ा करा रही है। नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन ने कहा कि फर्जी मुकदमें कायम हुए हैं। इस कानून का पूरे देश में विरोध हो रहा है। इस मामले की जांच हाईकोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश से करानी चाहिए। 

बसपा के दिनेश शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार गंगा जमुनी तहजीब को खत्म करना चाहती है। कांग्रेस के दीपक सिंह ने कहा कि यह देश गांधी का है, इसे गोडसे का मत बनाइये। सरकार अहंकार से भरी हुई है। भाजपा के लोग भ्रष्टाचार करें तो उन्हें माफी प्रदेश की जनता करे तो उन्हें फांसी। 

नेता सदन दिनेश शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के सदस्य अमर्यादित व असंसदीय भाषा का इस्तेमाल कर मिथ्यापूर्ण बयान दे रहे हैं। सीएए में कौन सी बात किसी भी धर्म के खिलाफ है? जानबूझकर यह प्रदर्शन हो रहा है। सरकार के जवाब से असंतुष्ट सपा व कांग्रेस सदस्य वेल में आ गए और नारेबाजी करने लगे। इस दौरान सत्ता पक्ष व विपक्ष में खूब नोकझोंक हुई। अंत में अधिष्ठाता सुरेश कुमार कश्यप ने सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी। दोबारा सदन शुरू हुआ तो फिर सत्ता पक्ष व विपक्ष ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए। सरकार के मंत्री मोहसिन रजा ने कहा कि विपक्ष पीएफआइ के साथ है। इस पर विपक्ष ने भी हंगामा शुरू कर दिया। विधान परिषद की कार्यवाही भी कई बार स्थगित करनी पड़ी। 

 

सिलिंडर लेकर धरने पर बैठे कांग्रेसी

वहीं, एलपीजी सिलिंडर के दामों में बढ़ोतरी का मुद्दा दूसरे दिन भी विधान भवन में गर्माया रहा। परिसर में सिलिंडर लेकर पहुंचे कांग्रेस के सदस्यों ने चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के निकट धरना दिया और सरकार विरोधी नारेबाजी की।

प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू व विधानमंडल दल नेता आराधना मिश्र मोना के नेतृत्व में विधायकों ने भाजपा को गरीब विरोधी करार देते हुए कीमतों में वृद्धि को वापस लेने की मांग की। मंहगाई डायन खाय जात है, गरीब विरोधी सरकार, नहीं चलेगी, जैसे स्लोगन लिखी तख्ती लेकर कांग्रेसियों ने विधानभवन परिसर में सांकेतिक धरना दिया। विधानपरिषद में दलनेता दीपक सिंह ने आरोप लगाया कि यूपीए शासनकाल में मामूली दाम वृद्धि पर भी हंगामा कर देने वाले भाजपाइयों की अंतरात्मा मर चुकी है। इस मौके पर नरेश सैनी, मसूद अख्तर व सोहिल अख्तर अंसारी भी मौजूद थे।

Posted By: Divyansh Rastogi

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