राज्य ब्यूरो, लखनऊ। भारतीय जनता युवा मोर्चा में दागी नेताओं को पदाधिकारी बनाए जाने के आरोपों के दो दिन बाद ही एक और घटनाक्रम ने भाजपा के 'पार्टी विद डिफरेंस' के दावे की समीक्षा सियासी हलकों में करा डाली। जातीय-क्षेत्रीय समीकरणों का संतुलन बनाते हुए संगठन को मजबूत करने में जुटी भाजपा ने बसपा के उन पूर्व विधायक जितेंद्र सि‍ंह बबलू को भी पार्टी में भी शामिल कर लिया, जो कि भाजपा सांसद डा. रीता बहुगुणा जोशी का घर जलाने के आरोपित हैं। पार्टी प्रदेश मुख्यालय में बुधवार को प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सि‍ंह ने भगवा पट्टिका पहनाकर बसपा और कांग्रेस के कुछ नेताओं को भाजपा में शामिल कराया। दूसरे दलों से आए नेताओं की सदस्यता का सिलसिला तो अब लगातार चल रहा है, लेकिन यह कार्यक्रम सिर्फ एक नाम की वजह से एकदम चर्चा में आ गया।

दरअसल, अयोध्या से बसपा के पूर्व विधायक जितेंद्र सि‍ंह बबलू भी भाजपा की सदस्यता लेने वालों में शामिल रहे। इनके मंच पर आते ही चर्चा शुरू हो गई कि 15 जुलाई, 2009 की रात को सांसद रीता बहुगुणा जोशी के हुसैनगंज स्थित आवास को कुछ असामाजिक तत्वों ने तोडफ़ोड़ कर जला दिया था। उसमें जितेंद्र सि‍ंह बबलू भी आरोपित थे। सीबीसीआइडी को जांच सौंपी गई। चार्जशीट लग चुकी है और मुकदमा अभी भी ट्रायल में है। खास बात यह है कि तब रीता बहुगुणा जोशी कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष थीं, लेकिन वर्तमान में भाजपा की ही सांसद हैं।बहरहाल, जितेंद्र सि‍ंह के अलावा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव व पूर्व लोकसभा प्रत्याशी पंकज मोहन सोनकर (आजमगढ़), बसपा के पूर्व कोआर्डिनेटर मनोज शर्मा (गाजियाबाद), पूर्व लोकसभा प्रत्याशी प्रवेश सि‍ंह (रायबरेली), सेवानिवृत्त एयर कोमोडोर श्याम शंकर तिवारी और आगरा की समाज सेविका डा. बीना लवानिया ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।

स्तब्ध हूं, प्रदेश व राष्ट्रीय अध्यक्ष से करूंगी बात : रीता

जितेंद्र सि‍ंह बबलू के भाजपा में शामिल होने पर सांसद रीता बहुगुणा जोशी ने भी त्वरित प्रतिक्रिया दी। दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि जितेंद्र सि‍ंह के पार्टी में शामिल होने के समाचार से वह स्तब्ध हैं। जब वह मुरादाबाद में जेल में बंद थीं, तब लखनऊ स्थित उनके आवास को आग लगाने वालों की अगुआई बबलू ने ही की थी। जांच में आरोप सही पाए गए। सांसद ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि अग्निकांड के आरोपित ने तथ्य छुपाकर भाजपा की सदस्यता ली होगी। सदस्यता निरस्त कराने के लिए वह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सि‍ंह से बात करेंगी। रीता बहुगुणा जोशी ने स्पष्ट तौर कहा कि अगर उन्हें जितेंद्र सि‍ंह के पार्टी में शामिल होने की पहले से जानकारी होती तो वह तभी आपत्ति कर देती। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनकी आपत्ति पर पार्टी नेतृत्व जितेंद्र की सदस्यता खत्म कर देगा।

Edited By: Anurag Gupta