लखनऊ (जेएनएन)। राजकीय चिकित्सा शैक्षणिक संस्थाओं के रिटायर्ड प्रोफेसर को संविदा के आधार पर नव स्थापित राजकीय मेडिकल कालेजों में नियुक्त किया जाएगा। मंगलवार को कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। संविदा पर तैनात इन प्रोफेसर को कंसल्टेंट के रूप में दो लाख 20 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित वेतन मिलेंगे।

राज्य सरकार के प्रवक्ता और स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने पत्रकारों को बताया कि मौजूदा समय में प्रदेश में 13 राजकीय मेडिकल कालेज संचालित हैं। इनमें छह पुराने मेडिकल कालेज, आगरा, कानपुर, इलाहाबाद, मेरठ, गोरखपुर और झांसी हैं जबकि सात नव स्थापित मेडिकल कालेज, जालौन, कन्नौज, आजमगढ़, अंबेडकरनगर, सहारनपुर, बांदा तथा बदायूं शामिल हैं। इन मेडिकल कालेजों में चिकित्सा शिक्षकों के कुल 1844 पद सृजित हैं लेकिन इसके सापेक्ष सिर्फ 878 नियमित शिक्षक तथा 371 संविदा चिकित्सा शिक्षक कार्यरत हैं। इस प्रकार कुल 1249 पद भरे हुए हैं और 595 पद रिक्त है। नव स्थापित मेडिकल कालेजों में चिकित्सा शिक्षकों के कुल 660 पद सृजित हैं।

इनमें 218 नियमित और 127 संविदा चिकित्सा शिक्षक कार्यरत हैं। यहां कुल 315 पद रिक्त हैं। इनमें 151 पद प्रोफेसर के सृजित हैं और इसके सापेक्ष सिर्फ 25 नियमित और 24 संविदा चिकित्सा शिक्षक कार्यरत हैं। यहां कुल 102 पद रिक्त है। नव स्थापित राजकीय मेडिकल कालेजों में वरिष्ठ चिकित्सा शिक्षकों की अत्यधिक कमी को देखते हुए सरकार ने देश एवं प्रदेश के राजकीय मेडिकल कालेजों, चिकित्सा संस्थानों एवं विश्वविद्यालय से अधिवर्षता आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त होने वाले प्रोफेसर को प्रोफेसर कंसल्टेंट के रूप में तैनात किया जाएगा।

नव स्थापित सुपरस्पेशियलिटी ब्लाक में भी संविदा पर रखे जाएंगे प्रोफेसर

कैबिनेट ने चार मेडिकल कालेजों में नव स्थापित सुपरस्पेशियलिटी ब्लाक, बीआरडी मेडिकल कालेज, गोरखपुर में निर्माणाधीन बाल चिकित्सालय तथा सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान एवं अस्पताल सीजी सिटी, लखनऊ में भी सेवानिवृत्त प्रोफेसर संविदा के आधार पर नियुक्त किये जाएंगे। कैबिनेट से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। चार मेडिकल कालेज गोरखपुर, मेरठ, झांसी और इलाहाबाद में प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सालयों में न्यूरोसर्जरी, यूरोलॉजी, सर्जिकल आंकोलाजी, न्यूरोलॉजी नेफ्रोलॉजी, प्लास्टिक एंड रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी, कार्डियोवेस्कुलर थोरेसिक सर्जरी समेत कई विभाग संचालित किये जाने हैं।

70 वर्ष की उम्र तक के प्रोफेसर हो सकेंगे तैनात

प्रदेश के राजकीय मेडिकल कालेजों, चिकित्सा विश्वविद्यालयों, संस्थानों में शैक्षणिक संवर्ग की अधिवर्षता आयु 65 वर्ष निर्धारित है। एमसीआइ रेग्युलेशन के अनुसार चिकित्सा शिक्षकों की अधिवर्षता आयु 70 वर्ष तक हो सकती है। यानी इस आयु तक के प्रोफेसर इन संस्थानों में तैनात हो सकेंगे। संविदा के आधार पर इन्हें प्रतिमाह दो लाख 20 हजार रुपये दिये जाएंगे।

सुपर टाइम स्केल प्राप्त जिला जज होंगे पीठासीन अधिकारी

भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थापना प्राधिकरण के पीठासीन अधिकारी की तैनाती के लिए सरकार ने नियमावली बदली है। मंगलवार को कैबिनेट ने इसे मंजूरी दे दी। दरअसल, महानिबंधक, उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने प्राधिकरण के पीठासीन अधिकारी के रूप में उच्चतर न्यायिक सेवा का सुपर टाइम स्केल पद के स्थान पर जिला जज को पीठासीन अधिकारी के रूप में संशोधित किये जाने का अनुरोध किया था। इसके दृष्टिगत प्राधिकरण के पीठासीन अधिकारी के रूप में उत्तर प्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा का सुपर टाइम स्केल के स्थान पर उत्तर प्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा का जिला जज, जिन्होंने सुपर टाइम स्केल प्राप्त कर लिया है, उनको पीठासीन अधिकारी बनाया जाएगा।

वार्षिक लेखा परीक्षा प्रतिवेदन सदन के पटल पर रखेंगे

प्रदेश के स्थानीय निकायों एवं शासन से अनुदानित संस्थाओं के वर्ष 2015-16 के लेखा परीक्षा वार्षिक प्रतिवेदन को सदन के पटल पर रखने के लिए कैबिनेट ने अनुमति दे दी है।

विधान मंडल सत्रावसान को मंजूरी

कैबिनेट में विधानसभा और विधान परिषद के वर्तमान सत्र की कार्यवाही का ब्यौरा पेश किया गया। चूंकि वर्तमान में विधान मंडल से कोई कार्य कराया जाना शेष नहीं है इसलिए दोनों सदनों के वर्तमान सत्र के सत्रावसान को तत्काल प्रभाव से मंजूरी दी गई।  

Posted By: Ashish Mishra