लखनऊ (जेएनएन)। नवाबों के शहर लखनऊ के परिचालक निगम की पॉकेट मारने में अव्वल साबित हुए हैं। सीतापुर डिपो के चेकिंग दस्ते द्वारा नवंबर माह में चेकिंग के दौरान यह हकीकत सामने आई है। पूरे माह में 14 बसें औचक निरीक्षण में ऐसी पाई गईं जिनके परिचालक बगैर टिकट के यात्रियों को सफर कराते मिले। इनमें से नौ बसें राजधानी की कैसरबाग, चारबाग और अवध डिपो की हैं। परिचालक यात्रियों से रुपये लेकर अपने जेब में रखकर निगम की आय को जेब में भरते पाए गए। इस दौरान कुल 26 यात्री बगैर टिकट के सफर करते पाए गए।

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नवंबर माह में सहायक यातायात निरीक्षक बलवीर सिंह व प्रवर्तन कर्मचारियों के दस्ते ने औचक निरीक्षण के दौरान कुल 14 ऐसी बसों को पकड़ा, जिनके परिचालक बगैर टिकट यात्रियों को सफर करा रहे थे। इनमें नौ बसें राजधानी लखनऊ की हैं। इनमें सर्वाधिक सात कैसरबाग डिपो और एक-एक अवध व चारबाग डिपो की बसें शामिल हैं। इसके अलावा तीन सीतापुर व एक-एक लखीमपुर व गोला डिपो की बसें भी हैं। कैसरबाग डिपो की परिचालक रजिया बानो चार, बालेंदु पाल व सुनील कुमार दो-दो तथा विकास कुमार, मो. रियासत, संदीप सिंह व राघवेंद्र प्रताप सिंह एक-एक यात्री को बगैर टिकट यात्रा कराते धरे गए। अवध डिपो के परिचालक शशिकांत शुक्ला चार यात्रियों को व चारबाग डिपो के किशन कुमार डेढ़ कुंतल सामान बगैर टिकट ले जाते धरे गए। सीतापुर डिपो के परिचालक जितेंद्र कुमार पांच, कुलभूषण दो व अमित कुमार द्वितीय एक यात्री को डब्ल्यूटी सफर कराते मिले। लखीमपुर के चंद्र किशोर व गोला डिपो के परिचालक महेश चंद्र एक-एक यात्री को सफर कराते पाए गए। इन सभी परिचालकों से जुर्माना वसूला गया, जबकि सीतापुर के संविदा परिचालक जितेंद्र कुमार द्वितीय की संविदा एआरएम ने समाप्त कर दी है।

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बस एक और डब्ल्यूटी दस

सीतापुर डिपो के परिचालक भी बगैर टिकट के दस यात्रियों को एक ही बस में सफर करा रहे हैं। इसका खुलासा किया एआरएम हरदोई आरके वर्मा ने। 29 नवंबर को विभागीय कार्य से सीतापुर आ रहे एआरएम हरदोई ने मिश्रिख मार्ग पर सीतापुर डिपो की बस संख्या यूपी 34 टी 8206 में रामकोट के पास यात्रियों के टिकट की पड़ताल की। इस दौरान परिचालक रोहित त्रिपाठी दस यात्रियों को बगैर टिकट के यात्रा कराते पाए गए। एआरएम विमल राजन ने बताया कि रोहित त्रिपाठी की संविदा समाप्त करने की कार्रवाई चल रही है। एआरएम सीतापुर विमल राजन ने बताया कि प्रवर्तन दल ने नवंबर माह में 14 ऐसी बसें पाई, जिनके परिचालक बगैर टिकट यात्रियों को सफर कराते मिले। पांच से कम डब्ल्यूटी वाले परिचालकों से जुर्माना वसूला गया, जबकि पांच डब्ल्यूटी वाले परिचालक की संविदा समाप्त कर दी है।

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Posted By: Nawal Mishra

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