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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Recruitments in ITI in UP: भावुक हुए अनुदेशक बोले निष्पक्षता से मिली नौकरी

Published: Sun, 07 Sep 2025 03:05 PM (IST)

Recruitments in ITI in UPगोरखपुर के श्यामू विश्वकर्मा भावुक होकर बोले कि वह किसान परिवार से आते हैं और परिवार ...और पढ़ें

भावुक हुए अनुदेशक बोले निष्पक्षता से मिली नौकरी
भावुक हुए अनुदेशक बोले निष्पक्षता से मिली नौकरी

HighLights

  1. नियुक्ति पत्र पाने के बाद अपने अनुभव साझा

राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ: प्रदेश में अब रोजगार केवल सिफारिश पर नहीं, बल्कि योग्यता और मेहनत के बल पर मिल रहा है। रविवार को नवनियुक्त अनुदेशक नियुक्ति पत्र पाकर भावुक भी हुए। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी चयन प्रक्रिया की वजह से उन्हें यह मौका मिला। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताया।

मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रायबरेली की पल्लवी, मीरजापुर की ममता वर्मा, मुजफ्फरनगर के संदीप, अयोध्या के सौरभ यादव, बस्ती की प्रियंका सिंह, देवरिया की अभिलाषा सिंह, सुशील कुमार, जालौन के विवेक, कानपुर की पिंकी , कन्नौज की ममता यादव को नियुक्ति पत्र दिया।

नवनियुक्त अनुदेशकों में मैनपुरी की सीमा ने कहा कि पूरी पारदर्शिता के साथ हुई भर्ती प्रक्रिया के कारण उनकी मेहनत रंग लाई। यह अवसर उनके जीवन में बड़ा बदलाव लेकर आया है। लखनऊ की अल्पना श्रीवास्तव का कहना था कि सामाजिक चुनौतियों के बावजूद माता-पिता ने उनकी पढ़ाई में कभी कमी नहीं आने दी।

अनुदेशक की नियुक्ति मिलने पर उनके माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू थे। वादा किया कि वह पूरी ईमानदारी से जिम्मेदारी निभाते हुए प्रदेश को कुशल प्रदेश बनाने में योगदान देंगी। गोरखपुर के श्यामू विश्वकर्मा भावुक होकर बोले कि वह किसान परिवार से आते हैं और परिवार में पहली बार किसी को सरकारी नौकरी मिली है।

यह अवसर केवल सरकार की निष्पक्ष भर्ती परंपरा से संभव हुआ है। पूरी लगन और मेहनत से काम कर इस मौके को सार्थक बनाएंगे। पीलीभीत के पवन कुमार ने कहा कि निजी क्षेत्र से सरकारी सेवा तक का उनका सफर आसान नहीं था, लेकिन पारदर्शी प्रक्रिया ने उनके सपनों को पंख लगा दिए।