लखनऊ [जागरण टीम]। सुबह जब लोग ऑफिस और काम पर जाने की जल्दी में होते हैं, तब शहर की सड़कों पर सफर करना मानिए दलदल में पांव रखने सा अनुभव होता है। कदम-कदम पर जाम और चौराहों पर लोग घंटों फंसे रहते हैं। वहीं, ट्रैफिक पुलिस तमाशबीन बनी रहती है। बेतरतीब वाहन चालक कदम-कदम पर यातायात व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रहे हैं। सोमवार को जागरण टीम ने राजधानी के प्रमुख चौराहों का जायजा लिया तो हकीकत इससे भी बदतर दिखी। अधिकांश चौराहों पर यातायात रामभरोसे था। फुटपाथों पर पटरी दुकानदार काबिज मिले और बची सड़क पर ई-रिक्शा से लेकर टेंपो और ऑटो स्टैंड की अराजकता। पुलिस होकर भी नहीं है। इसके लिए केवल सरकारी सिस्टम को कोसना भी जायज नहीं है। यातायात नियम तोड़ने को शान समझने वाले भी जिम्मेदार हैं। तो अधिकांश चौराहे बिना सिग्नल के चल रहे हैं। जहां हैं भी, वहां पालन नहीं किया जा रहा है। दैनिक जागरण के ऑन द स्पॉट अभियान में हजरतगंज चौराहे से लेकर विधानसभा मार्ग, पॉलीटेक्निक, खुर्रमनगर, नत्था तिराहा, बाराबिरवा चौराहा, मुंशी पुलिया, टेढ़ी पुलिया सहित तमाम प्रमुख चौराहों पर लोग यातायात व्यवस्था को रौंदते दिखाई दिए। अधिकांश चौराहों पर पुलिसकर्मी सड़क किनारे गुमटियों या खोमचों की छांव में आराम फरमाते मिले। जिन चौराहों पर पुलिसकर्मी सक्रिय थे, वहां जाम जैसे हालात नहीं दिखे। नियमों से बेखबर ई-रिक्शा चालक हर जगह बेतरतीब खड़े नजर आए।

मेडिकल कॉलेज चौराहा : पुलिस कर रही आराम, पब्लिक झेल रही जाम -

मेडिकल कॉलेज चौराहे से चरक चौराहे और ट्रॉमा सेंटर रोड तक छोटी-बड़ी तीन सौ अवैध दुकानें फुटपाथ और सड़क पर चल रही हैं। मेडिकल कॉलेज के गेट नंबर दो के ठीक बगल नो वेडिंग जोन में होटल व गुटखे की दुकानें चल रही हैं। सड़कों को ई-रिक्शा, टेंपो व ऑटो ने घेर रखा है। कई बार एंबुलेंस भी जाम में फंस जाती है। सोमवार सुबह चरक चौराहे पर लोग जाम में फंसे थे और पुलिस कर्मी चरक पुलिस चौकी में कुर्सियों में आराम फरमाते दिखे। दुकानदारों और ई-रिक्शा, ऑटो व टेंपो चालकों ने बताया कि पुलिस व नगर निगम के कर्मचारी सुविधा शुल्क लेकर सड़कों पर अराजकता फैलाने की छूट देते हैं।

नत्था तिराहा, चारबाग -

तीनों ओर से यातायात का दबाव है। वाहनों के तीखे हॉर्न के बीच चारों ओर सिर्फ जाम। यहां भी यातायात कर्मी तमाशबीन खड़े मिले। इसी वजह से नाका ¨हडोला की ओर से नत्था तिराहे के पास जाम में एंबुलेंस फंस गई। किसी तरह एंबुलेंस निकली तो यहां पहुंची रोडवेज की एसी बस सेवा नंबर यूपी 33 डीटी-1531और दूसरी निजी बस संख्या यूपी 32 जेएन-4746 ने जाम की स्थिति बना दी। ऐसे में यातायात कुछ देर के लिए बिल्कुल ही ठहर गया।

चारबाग स्टेशन के सामने : यहां तो सब जाम -

चारबाग क्षेत्र में चाहे वह मेट्रो का गेट हो या फिर रवींद्रालय अथवा चारबाग स्टेशन के बाहर का मार्ग। सवारी लेने की होड़ में टेंपो, टैक्सी और ई-रिक्शों के झुंड ने रेलवे स्टेशन से आने वाले यात्रियों का रास्ता तक बंद कर रखा है। सवारियां लगेज खींचती हुई इधर-उधर रास्ता बनाती आगे बढ़ने को मजबूर हैं। सवारी देखते ही यह ऑटो, विक्रम और ई-रिक्शा चालक एक दूसरे को ओवरटेक कर सवारी को घेर लेते हैं। मुसाफिर से सौदा पक्का करने के फेर में यह वाहन को लेकर उन्हीं के साथ दूर तक धीरे-धीरे खिसकते रहते हैं। नतीजा पूरे मार्ग पर जाम के हालात। मेट्रो के सामने रोडवेज बसों का अवैध स्टैंड -

चाहे मंत्री कहें या फिर जिला प्रशासन के आला अफसर। रोडवेज चालक चारबाग में मुख्य मार्ग से बसे हटाते ही नहीं। आलमबाग डिपो की करीब आधा दर्जन बसें दूर तक मुख्य मार्ग पर कब्जा जमाए यहां खड़ी दिखीं। बस नंबर यूपी 44-टी3354, यूपी 34 एटी-0130, यूपी70ईटी-7333, यूपी 34 एटी-0131, बहराइच डिपो की बस संख्या यूपी 53सीटी-5163 समेत कई रोडवेज बसें मुख्य मार्ग पर नजर आई। टेढ़ी पुलिया चौराहा : यातायात की चौकी भी नाकाम -

पुलिस बूथ है। छह यातायात पुलिसकर्मी और होमगार्ड की पूरे दिन ड्यूटी होती है। 9:30 बजे यहा चार सिपाही ड्यूटी पर थे मगर सब आराम करते दिखे। करीब 10 बजे पुलिस की एक जीप आई और आड़े-तिरछे खड़े टेंपो हटाने लगी। मगर पाच मिनट बाद ही पुलिसकर्मी किनारे पड़ी कुर्सियों पर जम गये। हैरत की बात तो यह कि यहां दर्जनों की संख्या में खड़े किसी भी ई-रिक्शा चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। पॉलीटेक्निक चौराहा : हर समय जाम नहीं मिलता आराम -

पॉलीटेक्निक चौराहे पर फैजाबाद-बाराबंकी की ओर से आने वाहनों की कतारे लगीं थीं। इंदिरानगर व मुंशी पुलिया की ओर से आ रहे वाहनों से चौराहा जाम लगा था। फ्लाई ओवर के नीचे बने ट्रैफिक बूथ में दो ही पुलिस कर्मी दिखे। जाम देख एक सिपाही चौराहे पर वाहनों को पास कराने में जूझता रहा। मशक्कत के बाद जाम खुला, पर भीड़ के चलते वाहन रेंगते रहे।

मुंशी पुलिया चौराहा : नो इंट्री में फर्राटा भरते ई-रिक्शा चालक -

मुंशी पुलिया चौराहे पर यातायात सुचारू है। ट्रैफिक पुलिस कर्मी ड्यूटी पर हाजिर हैं, लेकिन जाम न होने से वे फिक्रमंद दिखे। पुलिस कर्मियों की नजरों से बचते हुए ई-रिक्शा चालक विपरीत दिशा में फर्राटा भरते जा रहे हैं। इसी बीच मौका देख एक बाइक सवार ने चौराहे से मुड़ने के बजाय अचानक यू-टर्न ले लिया। इससे पीछे से साइकिल से आ रहे छात्र रविंद्र टकरा गए। जबकि बाइक सवार भाग निकला।

बाराबिरवा चौराहा : पुलिस ही तोड़ रही ट्रैफिक नियम -

बाराबिरवा पर लगने वाला जाम हर किसी के लिए सिरदर्द से कम नहीं। रोजाना सुबह लगने वाले जाम से अमौसी एयरपोर्ट जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यहां भी जाम की वजह ई-रिक्शा व ऑटोही बने दिखे। मजे की बात तो यह कि डायल 100 पुलिस खुद ही नियमों तोड़ते मिले। सुबह 10.17 बजे डायल 100 वाहन संख्या यूपी 32 डीजी 0473 बाराबिरवा से आलमबाग की ओर से रांग साइड जाने लगी, इसके चलते भीषण जाम लग गया। खुर्रमनगर चौराहा : रोड इंजीनियि¨रग से सुधरे हालात -

¨रग रोड पर हमेशा जाम रहने वाला खुर्रमनगर चौराहा दुरुस्त नजर आया। दरअसल, यहां पर बीते दिनों रोड इंजीनिय¨रग से ट्रैफिक संचालन पटरी पर लाने का प्रयास किया जो कुछ हद तक कामयाब होता दिखा। चौराहे को बेहतर किया गया ताकि वाहनों को स्पेस मिल सके। इसके अलावा यहां ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी थे। निशातगंज चौराहा : अनियमित संचालन से जाम -

निशातगंज से लेकर सिकंदरबाग चौराहा तक दो जगहों पर सुबह और शाम को सबसे अधिक ट्रैफिक ठप रहता है। सुबह करीब नौ से 10:30 बजे तक निशातगंज पुल की ओर से सबसे अधिक यातायात गुजरता है। पेपर मिल कालोनी तिराहा के पास एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी तो तैनात रहता है, लेकिन यहां शिक्षा भवन से पेपर मिल कालोनी की ओर मुड़ने वाला और पेपरमिल कालोनी से आकर निशातगंज की ओर जाने वाले ट्रैफिक के कारण निशातगंज से आने वाला रूट बाधित रहता है। दो मिनट यातायात रोकने पर ही पुल तक जाम लग जाता है।

Posted By: Jagran