UP News: लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश में बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजय दशमी के पर्व पर लगातार बारिश ने पानी फेर दिया। हालांकि कई जिलों बारिश के बावजूद उत्साह कम नहीं हुआ और पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया। कई जिलों में जगह-जगह रावण दहन (Ravan Dahan) किया गया। आइये देखते हैं ऐसी ही रावण दहन की तस्वीरें....

श्रीराम के नारों से गूंज के साथ रावण दहन

इटावा शहर के रामलीला मैदान में चल रही 15 दिवसीय मैदानी रामलीला में विंध्वस युद्ध के बाद प्रभु श्रीराम ने अपने धनुष बाढ़ से रावण की नाभि भेदकर रावण का वध कर दिया। जिसके बाद रावण का पुतला दहन किया गया। मेघनाद और कुंभकरण के पुतले नही जलाए गए। इस दौरान पूरा मैदान आतिशबाजी से जगमगा उठा और जय श्रीराम के नारों से पूरा मैदान गूंज उठा।

सहारनपुर के नानौता में किसान सेवक इंटर कालेज के क्रीड़ा स्थल पर रावण, कुंभकरण व मेघनाथ के पुतले का दहन किया गया। शाम को मेरठ और आसपास के जिलों में खराब मौसम को देखते हुए लगभग सभी जगह पुतला दहन हो चुका है।

लखनऊ में 70 फीट ऊंचे रावण का दहन

लखनऊ ऐशबाग रामलीला मैदान में 70 फीट ऊंचे रावण का दहन किया गया। रावण का दहन पूर्व उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने ऐशबाग में किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अच्छाई की सदैव जीत होती है। श्रीराम राम के जयकारे के साथ बुराई का रावण जलाया गया।

वर्षा के बीच रावण का पुतला दहन

चित्रकूट जिले में दो दिन से हो रही वर्षा से दशहरे में थोड़ा खलल जरूर पड़ा लेकिन लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ। बुधवार को रिमझिम फुहारों के बीच दशहरा पर्व मनाया गया। पुरानी बाजार रामलीला कमेटी की ओर से 22 फीट के रावण के पुतले का दहन किया गया। खचाखच भरे धुस मैदान में लोगों का उत्साह देखते बना। जैसे ही प्रभु श्री राम ने रावण के पुतले पर आग लगाई तो जय श्री राम के नारों से वातावरण गूंज उठा।

फर्रुखाबाद के क्रिश्चियन कालेज के मैदान में श्री राम लीला मंडल के तत्वावधान में रावण दहन हर्षोल्लास के साथ किया गया। इसके पहले शहर के मुख्य मार्ग पर कलाकारों ने भगवान श्री राम और रावण के बीच हुए युद्ध की लीला का मंचन किया। जिला अधिकारी संजय कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने श्री राम लीला मंडल के पदाधिकारियों के साथ भगवान श्री राम का पूजन अर्चन किया।

फतेहपुर में बिंदकी के ऐतिहासिक दशहरा महोत्सव में श्रीराम लीला मैदान में बनाई गई लंका के मैदान में श्रीराम व रावण की सेनाओं के बीच भीषण संग्राम हुआ। संग्राम में रावण दल के योद्धा पराजित हुए और मारे गे। युद्ध में विभीषण के बताने पर जैसे ही श्रीराम ने नाभि में तीर चलाया रावण धराशाही हो गया। इसी के साथ परंपरा के मुताबिक डीएम के आदेश पर रावण के पुतले का दहन किया गया।

यह भी पढ़ें : गोरखपुर जू में सीएम योगी आदित्यनाथ ने तेंदुए के बच्चे को पिलाया दूध, दो शावकों का किया नामकरण

Edited By: Umesh Tiwari

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट