उत्तरी अमेरिका में रामलीला में अभिनय और निर्देशन कर रहीं लखनऊ की सौम्या मिश्रा, संभाल रहीं भारत की सांस्कृतिक विरासत
Ramleela in North America By Team Dhishum of Lucknow : भारत में पारंपरिक रूप से नौ दिनों तक चलने वाली ...और पढ़ें

कनाडा सहित अन्य देशों में पहली बार पूरी लंबाई वाली रामलीला का मंचन
HighLights
सौम्या मिश्रा की टीम के 35 बच्चे और 60 बड़े कर रहे रामलीला का मंचन
मंचन टीम में लखनऊ समेत प्रदेश के कई कलाकार
डिजिटल डेस्क, लखनऊ : उत्तरी अमेरिका के कनाडा सहित अन्य देशों में लखनऊ की रिवर बैंक कॉलोनी निवासी सौम्या मिश्रा अपनी टीम ढिशुम के साथ धूम मचा रही हैं। इनकी टीम वहां पर भारतीय सांस्कृतिक विरासत का विस्तार कर रही है और पहली बार पूरी लंबाई वाली रामलीला का मंचन कर रही है।
भारत की सांस्कृतिक विरासत और नैतिक मूल्यों को विदेश में रहने वाले भारतीयों ने सौम्या के प्रोत्साहन से बड़े सलीके से संवारा है। सौम्या कनाडा में रहकर प्रतिवर्ष वहां भव्य रामलीला के मंचन का निर्देशन करती हैं। 35 बच्चों और 60 वयस्कों की मंचन टीम में लखनऊ समेत प्रदेश के कई कलाकार अहम भूमिकाएं निभाते हैं।
सिर्फ 90 मिनट में आध्यात्मिक और भावनात्मक सार
इसमें रामचरितमानस के आध्यात्मिक और भावनात्मक सार को सिर्फ 90 मिनट में दिखाया गया है। भारत में पारंपरिक रूप से नौ दिनों तक चलने वाली इस रामलीला के छोटे रूप ने टोरंटो, एटोबिओक, ब्रैम्पटन, ओकविले, लंदन और ओटावा जैसे कनाडा के कई शहरों में दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया है। टोरंटो के श्रृंगेरी मंदिर और ओटावा के वाल्टर बेकर पार्क में आयोजित इस रामलीला को भारतीय और गैर-भारतीय, सभी तरह के दर्शकों ने देखा। इससे यह साबित हुआ कि धर्म, प्रेम, त्याग और सत्य का संदेश वास्तव में सार्वभौमिक है।
खास तौर पर कनाडाई दर्शकों के लिए तैयार
इस रामलीला की खासियत यह है कि इसे खास तौर पर कनाडाई दर्शकों के लिए तैयार किया गया है। इसमें भारतीय परंपरा की आत्मा और आधुनिक थिएटर की तकनीकी बारीकियों का मेल है—जिसमें सिनेमैटिक VFX, लाइट डिजाइन और पूरी तरह से कनाडाई कलाकारों की टीम शामिल है।
तीन से 74 वर्ष के कलाकार
इस वर्ष रामलीला में तीन से 74 वर्ष आयु से 95 से अधिक कलाकारों ने इस कहानी को जीवंत किया। इनमें 35 बच्चे भी शामिल थे, जिन्होंने अपनी गर्मियों की छुट्टियां इस शो की तैयारी में बिताईं। मुख्य कलाकारों में श्री राम के रूप में विक्रम सिंह, हनुमान के रूप में यश पटेल, रावण के रूप में शिवा और सीता के रूप में सौम्या मिश्रा शामिल थे।
भारतीय दर्शकों में पुरानी यादें ताजा
वनवास से लेकर सीता हरण, भरत मिलाप से लेकर लंका दहन तक, हर दृश्य को भक्ति और भव्यता के साथ प्रस्तुत किया गया। जिससे भारतीय दर्शकों में पुरानी यादें ताजा हुईं और दूसरों में उत्सुकता जगी। तेज़ी से भागती और एक-दूसरे से दूर होती इस दुनिया में, 'टीम ढिशुम' हर परफ़ॉर्मेंस के माध्यम से भारतीय सभ्यता के शाश्वत मूल्यों को फिर से जिंदा कर रही है। विदेशों में बसे भारतीयों के लिए यह सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि अपनी जड़ों की ओर लौटना है।
उत्साही कलाकार सौम्या मिश्रा
इस पहल के केंद्र में लखनऊ की रहने वालीं और संस्कृति को बढ़ावा देने वालीं उत्साही कलाकार सौम्या मिश्रा हैं, जो पिछले सात वर्ष से कनाडा में भारतीय संस्कृति, हिंदू धर्म और रामायण के शाश्वत मूल्यों का प्रचार-प्रसार कर रही हैं। इस प्रोडक्शन में सीता की भूमिका भी निभा रही सौम्या मिश्रा रामलीला को सिर्फ एक नाटक नहीं मानतीं हैं। यह हमारे संस्कार और हमारी विरासत है। हम चाहते हैं कि पश्चिम में रहने वाले हमारे बच्चे मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के मूल्यों को अपनाकर बड़े हों।
लखनऊ की सौम्या के निर्देशन में कनाडा में गूंज रही रामलीला
सौम्या ने रामलीला को भारतीय संस्कृति का एक अभिन्न हिस्सा मानती हैं। उनके अनुसार रामलीला प्रेम, साहस और भक्ति की शाश्वत गाथा है। उन्होंने सात वर्ष पहले रामलीला को कनाडा की भूमि पर जीवंत करने का निर्णय लिया था। तब से वह निरंतर प्रयास कर रही हैं कि युवा वर्ग प्रभु राम के चरित्र को अपने रोजमर्रा के जीवन में आत्मसात करे। कनाडा के टोरंटो शहर के शृंगेरी मंदिर व ऑटोवा के वाल्टर बेकर पार्क में रामलीला का मंचन किया जाता है। सौम्या ने भगवान श्रीराम के जन्म से लेकर माता सीता के धरती में समा जाने तक के सभी प्रसंगों को मंचन में शामिल किया है। उनका ध्येय पूरी दुनिया को बताना है कि प्रभु राम जन जन के राम हैं। किसी एक देश की सीमा में उन्हें बांधा नहीं जा सकता।
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आचार्य इंदु प्रकाश की पुत्री हैं सौम्या
सौम्या मिश्रा विश्व प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आचार्य इंदु प्रकाश की बेटी हैं। वह कनाडा में रामलीला को पारंपरिक और नई नाट्य शैली के मिश्रण के साथ प्रस्तुत करती हैं। रामलीला का हर दृश्य ऐसा प्रतीत होता है, जैसे प्रवासी भारतीय और विदेशी नागरिक दर्शक किसी महाकाव्य फिल्म का आनंद ले रहे हों। इस रामलीला को आकर्षक बनाने के लिए भव्य सेट, आकर्षक लाइट, साउंड और बेहतरीन स्पेशल इफेक्ट्स का उपयोग किया गया है, जिसने इसे एक सिनेमाई अनुभव में बदल दिया है। मलीला में आधुनिक तकनीक और विशेष प्रभावों का व्यापक उपयोग किया गया जिसने राम-रावण युद्ध, मेघनाथ का मायाजाल और हनुमान की लंका यात्रा जैसे दृश्यों को जीवंत बना दिया। राम वनवास प्रस्थान, भरत मिलाप, सीता हरण और लक्ष्मण मूर्छा के दृश्यों ने दर्शकों को भावुक कर दिया।
लखनऊ के विक्रम सिंह ने निभाई राम की भूमिका
टोरंटो में इस वर्ष आयोजित रामलीला में भगवान राम की भूमिका लखनऊ के विक्रम सिंह ने निभाई। इसके अलावा बाल हनुमान का किरदार वीर आर्यन सिंह और बाल सीता के रूप में वल्लरी मिश्रा ने निभाया जो कि लखनऊ के ही रहने वाले हैं। पार्वती की भूमिका खुद सौम्या ने निभाई। इसके अलावा लक्ष्मण की भूमिका इवान, हनुमान की यश पटेल, रावण की शिवा, कुंभकर्ण की सचिन रामपाल, रानी सुनयना की भूमिका अलीगढ़ की पूनम कासलीवाल ने निभाई।
दूरदर्शन के कार्यकारी निदेशक आत्म प्रकाश मिश्र ने दी है आवाज
लखनऊ दूरदर्शन के उप निदेशक आत्म प्रकाश मिश्र ने सौम्या के निर्देशन में मंचित रामलीला में अपनी आवाज दी है। उन्होंने भगवान शिव और समुद्र देव समेत अन्य पात्रों के संवादों को अपनी आवाज में डब किया है। सौम्या, आत्म प्रकाश मिश्र की सगी भतीजी हैं।
