लखनऊ, जागरण संवाददाता। रकाबगंज चौराहे का नाम अब इतिहासकार और पद्मश्री योगेश प्रवीन के नाम से जाना जाएगा। महापौर की अध्यक्षता वाली नगर निगम कार्यकारिणी समिति ने रकाबगंज चौराहे का नाम दिवंगत योगेश प्रवीन के नाम पर करने की घोषणा की थी। इसी क्रम में गुरुवार को रकाबगंज चौराहे का लोकार्पण कर दिया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री डा.दिनेश शर्मा, कानून एवं विधायी मंत्री ब्रजेश पाठक और महापौर संयुक्ता भाटिया भी मौजूद थीं।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने योगेश प्रवीन से अपने पुराने संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि लखनऊ से जुड़ी जानकारियां हर किसी तक पहुंचने में योगेश प्रवीन के योगदान को भूला नहीं जा सकता है। उन्हें लखनऊ का इतिहास कंठस्थ था। डा. शर्मा ने कहा कि योगेश प्रवीन की लिखित किताबों को पढऩे से आप लखनऊ के अतीत को जान सकते हैं। नई पीढ़ी के लिए उनकी किताबें ज्ञान बढ़ाने का काम करेंगी।

मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि पद्मश्री योगेश प्रवीन ने कम संसाधनों में जिस तरह से लखनऊ को अपनी किताबों में उतारा है, वह सराहनीय कार्य है। हर कोई उनकी किताब को पढ़कर लखनऊ के बारे में जान सकता है। महापौर ने पद्मश्री योगेश प्रवीन की सादगी का जिक्र करते हुए कहा कि रकाबगंज चौराहे से कुछ दूरी पर ही उनका घर है और अब उनके नाम से रकाबगंज चौराहे की पहचान होगी।

बता दें कि कुछ समय पूर्व इतिहासकार पद्मश्री डा योगेश प्रवीन के नाम पर रकाबगंज चौराहे का नाम रखने की मांग उठाई गई थी। जिसे नगर निगम से पास कर दिया गया था। वहीं आज उनका 80वां जन्‍म दिवस था। इस साल अप्रैल में उनका निधन हुआ था। जाने माने इतिहासकार डा योगेश प्रवीन को चलता फिरता इनसाइक्‍लोपीडिया कहा जाता था। अपनी पुस्तक लखनऊनामा के जरिये उन्होंने लाखों-करोड़ों लोगों को लखनऊ शहर की तहजीब से रूबरू कराया। लखनऊनामा के लिए उन्हें नेशनल अवार्ड भी मिला था। योगेश प्रवीण मशहूर अभिनेता शशि कपूर के पसंदीदा लेखकों में शामिल थे। उनकी फिल्म जुनून के लिरिक्स डा योगेश प्रवीण ने ही लिखे थे।

Edited By: Rafiya Naz