लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पिछले अड़तालिस घंटों में मौसम में आए बदलाव के फलस्वरूप शुरू हुआ आंधी और बारिश ने 31 लोगों को अपना निवाला बना लिया। जबकि कई घायल हो गए। कुछ जिलों में ओले भी पड़े। जगह जगह पेड़ उखड़ गए, बिजली के पोल टूट गए और यातायात भी बाधित हुआ।

सुबह पांच बजे और दोपहर सवा दो बजे आए आंधी-तूफान और बारिश से पूर्वी उत्तर प्रदेश के आजमगढ़, मऊ, बलिया, गाजीपुर, जौनपुर, मीरजापुर, भदोही, चंदौली और सोनभद्र में 10 लोगों की मौत हो गई। जगह-जगह पेड़ उखडऩे, कच्चे घरों के गिरने, बिजली के पोल टूटने, जलजमाव से व्यापक तबाही हुई है। सबसे ज्यादा क्षति भदोही जिले में हुई। मुख्यमंत्री का कार्यक्रमस्थल काफी अस्त-व्यस्त हो गया और शिलान्यास व लोकार्पण के शिलापट्ट टूट कर बिखर गए। हालांकि कार्यक्रम पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। सर्वाधिक छह मौतों की खबर भी भदोही जिले से ही है। जौनपुर और मीरजापुर में भी दो व्यक्तियों की मौत आकाशीय बिजली और टूटे पेड़ के चपेट में आने से हो गई। वाराणसी में भी तेज आंधी पानी से कई जगह पेड़ गिर पड़े और यातायात बाधित रहा।

सीतापुर व बलरामपुर में बारिश के साथ कुछ स्थानों पर ओले गिरे। श्रावस्ती में पेड़ के नीचे दबकर युवक की मौत हो गई। गोंडा, फैजाबाद, अंबेडकरनगर, सुलतानपुर, अमेठी और रायबरेली में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। इलाहाबाद, प्रतापगढ़ और कौशांबी में बीते चौबीस घंटे में दो बार आई आंधी ने व्यापक तबाही मचाई। सैकड़ों पेड़ उखडऩे के साथ बिजली व्यवस्था पटरी से उतर गई। इलाहाबाद में गिरते पेड़ों की चपेट में आकर छह लोगों की मौत हो गई, कई घायल हो गए। कौशाम्बी में दीवार ढहने से बारह वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। बुधवार रात आंधी में संतकबीर नगर में एक व्यक्ति की मौत हो गई।

गोरखपुर-बस्ती मंडल में तमाम पेड़ और बिजली के पोल धराशायी हो गए। इस दौरान पांच लोगों की मौत हो गई। शाम करीब चार बजे अचानक तूफान से मकानों के टिन शेड उड़ गए। झुग्गी झोपडिय़ां उजड़ गईं। कुशीनगर में बिजली का पोल गिरने से एक महिला की मौत हो गई। पीडब्ल्यूडी का बोर्ड उड़कर गिरने से एक युवक की मौत हो गई। कच्ची दीवार ढह जाने से उसकी चपेट में एक युवक की मौत हो गई। आंधी में रिहायशी झोपड़ी गिरने से पांच साल की एक बच्ची की मौत हो गई। महराजगंज में आम बीनने गई एक युवती की पेड़ की डाल गिरने से मौत हो गई।

सुबह लगभग साढ़े 10 बजे आई तेज आंधी ने बुंंदेलखंड के कुछ जिलों में तबाही मचाई। बांदा में तीन लोगों की मौत हो गई, कई लोग जख्मी हो गए। कानपुर व आसपास के लगभग सभी जिलों में पेड़ों के गिरने से बिजली व्यवस्था बुरी तरह से चरमरा गई। दिनभर बत्ती गुल रही। कई जगह यातायात भी ठप हो गया। फर्रुखाबाद, इटावा तथा औरैया में छप्पर उडऩेसे कई लोग घायल हुए।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आगरा में सुबह आठ बजे से शुरू बारिश रुक-रुक कर दोपहर 12 बजे तक होती रही। बुधवार शाम और रात को आई आंधी से ब्रज में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों घायल हुए हैं। 45 वर्षीय हार्डवेयर व्यवसायी नवीन ङ्क्षसहल कार से वृंदावन गए थे। तेज आंधी से अक्षयपात्र के पास उनकी कार पर पेड़ गिर गया। इससे सिंहल ने दम तोड़ दिया, जबकि चार अन्य कार सवार लोग घायल हो गए। वहीं टीन उड़कर गिरने से बलदेव के गांव बरौली में शैलेन्द्र की मौके पर मौत हो गई। रात आठ बजे आई आंधी से टूंडला-एटा रोड पर पेड़ टूट सड़क पर गिर गया। रात करीब नौ बजे टूंडला की ओर से एटा जा रही बस संख्या और एटा की ओर से आ रही बस आम के पेड़ को बचाने के प्रयास में आमने-सामने से भिड़ गईं। हादसे में बस चालक शैलेंद्र ङ्क्षसह पुत्र कुल्लन निवासी कौरारी फरिहा फीरोजाबाद और एटा अमित कुमार, सुधा पत्नी अमित की हालत गंभीर है। मथुरा में बारिश के साथ हल्के ओले भी गिरे। फीरोजाबाद में बूंदाबांदी हुई। मैनपुरी में मौसम खुशनुमा रहा। अलीगढ़ में शाम तेज आंधी संग बारिश हुई। एटा और कासगंज में बादल छाए रहे।

हाथरस के महमूदपुर निवासी सत्यप्रकाश के मकान पर आकाशीय बिजली गिरी, जिससे मकान क्षतिग्रस्त हो गया। सत्य प्रकाश की पत्नी मंजू, बेटा सूरज व बेटी भी घायल हो गईं। नगला कल्हू में आंधी से दीवार गिर गई, जिसके मलबे में दबकर राजवीर सिंह (55) की मौत हो गई। आंधी से गिरी दीवार से दबकर हाथरस में तीन पशु मर गए। रुहेलखंड मंडल में मौसम सामान्य रहा। सुबह बदायूं में धूल भरी आंधी के साथ बूंदाबादी हुई। मुरादाबाद मंडल में दिनभर धूप खिली रही, शाम हवा में कुछ तेजी आ गई।

Posted By: Ashish Mishra

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