लखनऊ, जेएनएन। मौसम ने बुधवार को फिर करवट लिया। सुबह से दोपहर बाद तक बारिश रुक-रुककर होती रही। प्रदेश के लगभग सभी जिलों में बुधवार को सुबह से ही शुरू बूंदाबांदी रात तक चली। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई। लोग धूप के लिए तरस गए। तेज रफ्तार से चलने वाली ठंडी हवा के कारण लोग कांपने लगे। बारिश से कुछ फसलों को नुकसान तो कुछ को फायदा हुआ है। कोहरे, बारिश और कड़ाके की ठंड के चलते ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। ट्रेनें घंटों विलंब से चलीं।

बादल और बारिश के बीच काशी सहित पूरे पूर्वांचल में लोगों को ठिठुरन झेलनी पड़ी। मौसम के इस बदलाव के कारण अधिकतम तापमान में सात डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो गई। वहीं सुबह साढ़े आठ से शाम साढ़े पांच बजे तक 3.8 मिमी बरसात दर्ज की गई। वैसे गुरुवार को पूर्वांचल से वार्म फ्रंट पास हो जाएगा, जिससे मौसम में सुधार एवं धूप की उम्मीद है। साथ ही कोल्ड फ्रंट के आने से ठंड भी और बढ़ेगी। वाराणसी में न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। बारिश से फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।

प्रयागराज में सुबह से दोपहर बाद तक बारिश रुक-रुककर होती रही। प्रतापगढ़ में 4.6 मिमी वर्षा रेकार्ड की गई। कौशांबी में भी बूंदाबांदी से ठंड बढ़ गई। गोरखपुर बूंदाबांदी देर शाम तक जारी रही। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि गुरुवार को भी बूंदाबांदी होगी। बारिश के चलते ठंड बढ़ गई है। यहां सात सेंमी बारिश दर्ज की गई। बरेली में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई। मंडल के अन्य जिलों पीलीभीत, शाहजहांपुर और बदायूं में भी बरसात हुई। मेरठ में तीन दिन से रुक-रुक कर हो रही बारिश से ठंड बढ़ गई है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अगले 24 घंटे मौसम ऐसा ही बना रहेगा। यहां बारिश 13.1 मिमी रिकार्ड की गई। सहारनपुर में वर्षा 11 एमएम दर्ज की गई। आठ मिमी दर्ज की गई। बिजनौर में बारिश 10.8 मिमी रिकार्ड की गई। आगरा में दिन भर सर्द हवा चलती रही। सुबह से शुरू बूंदाबांदी रुक-रुककर चलती रही। अलीगढ़ में पूरे दिन सूरज नहीं निकला। बादल छाए रहे और बूंदाबांदी रही। शाम को रिमझिम बारिश व ओलावृष्टि हुई। कानपुर में दो दिनों तक खिली धूप के बाद बारिश ने ठंड की वापसी करा दी। ठंड से हमीरपुर व फतेहपुर दो लोगों की मौत हो गई जबकि बांदा में बारिश के दौरान टीला ढहने से किसान की मौत हो गई। कानपुर में बारिश सात मिमी. दर्ज की गई। आसपास के जिलों में भी बारिश की वजह से ठंड बढ़ गई।

फसलों पर मिला-जुला असर

बारिश को गेेहूं और सरसो की फसल के लिए फायदेमंद है। वहीं ओलावृष्टि से मटर, आलू को नुकसान पहुंचा है। साथ ही आलू की फसल में किसानों को खेत से पानी निकालने के साथ नमी सुखाने की सलाह दी गई है।

कल्पवासियों की परेशानी बढ़ी

बारिश के कारण प्रयागराज में माघ मेला में कल्पवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। तंबू कनात अस्त-व्यस्त हो गए। दुरुस्त करने में काफी परेशानी हुई। दूसरी ओर, इस बारिश में सैकड़ों अभ्यर्थियों की आज हुई शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) छूट गई।

Posted By: Anurag Gupta

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