लखनऊ [निशांत यादव]। हजरत निजामुद्दीन-मुंबई रूट पर दो इंजन के साथ राजधानी स्पेशल 130 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दौड़ाकर रेलवे ने पुशपुल तकनीक की शुरुआत की है। 

अब आरडीएसओ हजरत निजामुद्दीन-मुंबई रूट की तरह मानकों पर खरा उतरने वाले देश के सभी जोन के रूट पर पुशपुल तकनीक से स्पेशल राजधानी और एलएचबी बोगियों वाली ट्रेनों को दौड़ाकर उनका ट्रायल करेगा। इस तकनीक से एक से पांच घंटे का समय ट्रेनें बचाएंगी। रेलवे के एक्शन प्लान-100 के तहत कई जोन में ट्रेनों की गति बढ़ाने की तैयारी है। इसके लिए आरडीएसओ जेनरिक स्पीड सर्टिफिकेट प्रदान करेगा। 

आगे पीछे लगते हैं इंजन

पुशपुल तकनीक में डब्ल्यूएपी-सात और डब्ल्यूएपी-पांच श्रेणी का इलेक्ट्रिक इंजन 20 एलएचबी बोगियों वाले हजरत निजामुद्दीन-मुंबई स्पेशल राजधानी रैक के आगे लगकर उसे खींचता है। जबकि, इसी श्रेणी का एक इंजन पीछे लगाकर ट्रेन को पुश (धक्का) किया जाता है। इससे ट्रेन की गति 130 किलोमीटर प्रति घंटा हो गई है। आरडीएसओ ने अब तक केवल इसी रूट को स्पीड प्रमाण पत्र दिया है। 

12 घंटे में पूरा होगा नई दिल्ली से हावड़ा का सफर

रेलवे बोर्ड के सौ दिन के एक्शन प्लान में नई दिल्ली-हावड़ा रूट पर 1525 किलोमीटर तक और नई दिल्ली से मुंबई तक 1483 के किलोमीटर लंबे रूट की गति सीमा बढ़ाकर 170 किलोमीटर प्रति घंटा करने का लक्ष्य तय किया गया है। स्पीड बढऩे से नई दिल्ली से हावड़ा तक 17 की जगह 12 घंटे और नई दिल्ली से मुंबई की राजधानी एक्सप्रेस की यात्रा 15.50 घंटे की जगह 10 घंटे में तय होगी। 

अब 22 बोगियों वाली ट्रेन में होगा इस्तेमाल

पुशपुल तकनीक से ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए आरडीएसओ ने सभी जोन को पत्र लिखकर उनके रूट की पटरियों को स्पीड बढ़ाने के लिए जरूरी मानक पूरे करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आरडीएसओ अब 20 की जगह 22 बोगियों की ट्रेनों को पुशपुल से दौड़ाने की अनुमति प्रदान करने की तैयारी में है।

 

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Posted By: Divyansh Rastogi