लखनऊ[जागरण संवाददाता]। फर्जी साफ्टवेयर से आइआरसीटीसी की वेबसाइट में सेंध लगाकर तत्काल टिकट बनाने वाले एक दलाल को आरपीएफ की स्पेशल टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया। दिल्ली से आई आइआरसीटीसी की स्पेशल टीम ने जाच की तो पता चला कि 45 फर्जी आइडी से दलाल ने रेडमिर्ची साफ्टवेयर का इस्तेमाल कर छह महीने में दो हजार ई-टिकट बना लिए। मौके पर उसके पास 13 तत्काल कोटे के ई-टिकट बरामद हुए हैं। इसके लिए जरूरतमंद लोगों के बैंक खाते खुलवाकर उससे ही टिकट बनाने का लेन देन किया गया। आरपीएफ क्राइम ब्राच प्रभारी अशरफ सिद्दीकी को सूचना मिली थी कि गुरुनानक मार्केट स्थित मार्डन ट्रैवल्स में तत्काल के टिकट बनाने का खेल चल रहा है। यात्रियों से स्लीपर क्लास का प्रति व्यक्ति 250 और एसी का एक हजार रुपये वसूला जा रहा है। इस पर इसकी सूचना नई दिल्ली में आइआरसीटीसी मुख्यालय को दी गई। आइआरसीटीसी की आइएटीएफ टीम के साथ बीएन तिवारी और सत्येंद्र सिंह की टीम ने छापेमारी की। मौके पर 22 हजार 862 रुपये के 13 तत्काल ई-टिकट बरामद हुए। मौके पर मोतीनगर निवासी हरपीत सिंह को गिरफ्तार किया गया।

तीन साल से चल रहा था खेल

पूछताछ में उसने बताया कि वह तीन साल से साफ्टवेयर की मदद से ई टिकट बनाने का खेल कर रहा है। तत्काल साफ्टवेयर कई वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। यह साफ्टवेयर को टीम विवर, व्हाट्सअप, हैंगआउट, फेसबुक और यूट्यूब के जरिए अपने लैपटॉप व कम्प्यूटर पर डाउनलोड कर लेते हैं। दलाल एसपीओओएफआईडी का प्रयोग कर तत्काल खुलने से पहले ही आइआरसीटीसी की वेबसाइट पर जाकर एप्लीकेशन पर ही यात्री और बैंक से जुड़ी डिटेल भर लेते हैं। जिससे तत्काल खुलते ही टिकट बन जाता है। यह साफ्टवेयर शून्य से दो मिनट के भीतर 10 से 12 टिकट बना सकता है।

Posted By: Jagran

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