लखनऊ, जेएनएन। किसान नेताओं ने उत्तर प्रदेश में रेल रोको का अपना विरोध स्थगित कर दिया है। उत्तर प्रदेश में लखनऊ सहित अन्य कई जिलों में प्रशासन से वार्ता के बाद किसान नेताओं ने रेल रोको का विरोध प्रदर्शन स्थगित कर दिया है। वहीं लखनऊ में भी रेल रोकने जा रहे किसानों को पुलिस ने रोक लिया।

लखनऊ में भी रेल रोकने जा रहे किसान रोके गए, ज्ञापन भेजा: लखीमपुर हादसे को लेकर भारतीय किसान मोर्चा ने सोमवार को रेल रोको की घोषणा की है। लखनऊ में रेल रोकने जा रहे किसानों को पुलिस ने बैरिकेडिंग करके रोक दिया। नाराज किसान प्रदर्शन करने लगे। यहां किसानों ने एक ज्ञापन भी सौंपा। आजाद भारतीय किसान यूनियन ने भारतीय किसान मोर्चा के रेल बंद का समर्थन किया था। हालांकि इस समर्थन के साथ यूनियन की किसानों को लेकर कई और मांगे भी थी। जिसमें तीन कृषि कानूनों की वापसी, बिजली बिल की माफी, एमएसपी के लिए कानून बनाने, गौशालाओं का संरक्षण, फसलों को बचाने के लिए आवारा पशुओं पर नियंत्रण करने की मांग की गई है।

भारतीय किसान यूनियन ने उत्तर प्रदेश में लखीमपुर खीरी हिंसा के मामले में केन्द्रीय मंत्री को पद से हटाने की मांग को लेकर सोमवार को रेल रोको विरोध का फैसला किया था। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में जिला प्रशासन तथा भारतीय किसान यूनियन के बीच में लम्बी वार्ता के बाद किसान यूनियन ने रेल रोको कार्यक्रम स्थगित कर दिया है। उत्तर प्रदेश के साथ ही देश में सोमवार को संयुक्त किसान मोर्च का दस बजे से रेल रोको अभियान था। उत्तर प्रदेश के हर जिले में जिला तथा पुलिस प्रशासन इसको लेकर बेहद मुस्तैद था। किसान नेताओं के साथ कई दौर में वार्ता भी जारी थी। इसी दौरान किसान नेताओं ने रेल रोको अभियान को स्थगित करने का फैसला कर लिया।

संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री (एमओएस) अजय मिश्रा टेनी को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग को लेकर सोमवार को छह घंटे के राष्ट्रव्यापी रेल रोको आंदोलन का आह्वान किया। तय था कि सोमवार सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक किसान संगठनों से जुड़े आंदोलनकारी रेलवे ट्रैक जाम करेंगे। इसको लेकर उत्तर प्रदेश में सभी जिला तथा पुलिस प्रशासन हाई अलर्ट पर था। लखनऊ पुलिस ने चेतावनी दी थी कि किसान संगठन के रेल रोको आंदोलन में हिस्सा लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। लखनऊ में धारा 144 भी लागू है। इसके बाद भी अगर कोई सामान्य स्थिति को बाधित करने की कोशिश करता है तो एनएसए लगाया जाएगा।

भारतीय किसान यूनियन नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि रेल रोको आंदोलन अलग-अलग जिलों में अलग-अलग जगह होगा। पूरे देश में वहां के लोगों को पता रहता है कि हमें कहां ट्रेन रोकनी है। भारत सरकार ने अभी हमसे कोई बात नहीं की है। किसान संगठनों की तरफ से कहा गया है कि रेल संपत्ति को बिना क्षति पहुंचाए रेल रोको शांतिपूर्ण रहेगा।

लखीमपुर खीरी में तीन अक्टूबर को उपद्रव के बाद हिंसा में चार किसानों सहित कुल आठ लोगों की मौत हो गई थी। इसको लेकर किसान यूनियन ने बड़ा विरोध जताया था।

Edited By: Dharmendra Pandey