गोंडा, संवाद सूत्र। गरीबों को बांटने के लिए भेजा गया अनाज ब्लाक स्तरीय गोदाम की जगह राइस मिल में पहुंच गया। तरबगंज विधायक की सक्रियता से राइस मिल से 956 बोरी सरकारी गेहूं बरामद किया गया है। प्रभारी डिप्टी आरएमओ ने मार्केटिंग इंस्पेक्टर समेत पांच के खिलाफ तरबगंज थाने में एफआइआर कराई है।

गांव के गरीबों तक सरकारी राशन पहुंचाने के लिए ब्लाक स्तर पर मार्केटिंग विभाग के गोदाम बनाए गए हैं। बेलसर ब्लाक में परसपुर रोड पर खाद्य विभाग का गोदाम है। स्थानीय लोगों के अनुसार शनिवार की शाम गेहूं से लदे दो ट्रक गोदाम के पास देखे गए। रात में करीब नौ बजे के अनाज से लदे ट्रक एक राइस मिल में भेज दिए गए। तरबगंज विधायक प्रेमनरायन पांडेय ने बताया कि रात करीब 9.30 बजे उन्हें गरीबों के लिए भेजा गया अनाज बेलसर की एक राइस मिल में भेजने की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने मामले की जानकारी डीएम मार्कण्डेय शाही को दी थी। डीएम के आदेश पर रात में एसडीएम कुलदीप सिंह व डीएसओ सुरेंद्र कुमार ने राइस मिल पर छापा मारा। इस दौरान राइस मिल के गोदाम में करीब 556 बोरी गेहूं पाया गया। परिसर में ही खड़े दो ट्रक से भी 400 बोरी गेहूं बरामद किया गया। उक्त अनाज को तरबगंज मार्केटिंग इंस्पेक्टर की सुपुर्दगी में दे दिया गया है। प्रशासन व पुलिस बल की मौजूदगी में बरामद आज तरबगंज गोदाम में भेजा गया। जांच के बाद देररात प्रभारी डिप्टी आरएमओ राजेश कुमार ने मार्केटिंग इंस्पेक्टर, ट्रांसपोर्टर, ट्रक मालिक व राइस मिल संचालक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआइआर कराई है।

निगरानी पर उठे सवाल: गरीबों को निर्धारित मात्रा में हरमाह अनाज उपलब्ध कराने के लिए जिले से लेकर गांव तक हर स्तर पर बेहतर निगरानी के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत जुदा है। बताया जाता है कि ब्लाक स्तरीय गोदाम पर लगे सीसी कैमरे भी जरूरत पड़ने पर बंद कर दिए जाते हैं। राइस मिल में भारी मात्रा में बरामद अनाज ने निगरानी व्यवस्था पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।

Edited By: Rafiya Naz