रायबरेली, संवाद सूत्र। भाजपा के पूर्व विधायक राम नरेश रावत का इलाज के दौरान आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन से लोग दुखी हैं। बीते दो माह से वह बीमार चल रहे थे। इनका इलाज पीजीआई में जारी था। शुक्रवार को लीवर ट्रांसप्लांट कराने के लिए अपने परिवारजनों के साथ दिल्ली गए थे। वहीं इलाज के दौरान एक अस्पताल में उनका निधन हो गया।

पूर्व विधायक राम नरेश रावत मूलत: बाराबंकी के राम नगर निवासी हैं। वर्तमान में बाराबंकी मुख्यालय पर ही इनका आवास है। वर्ष 2017 में बछरावां विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी ने इनको टिकट दिया था। कांग्रेस प्रत्याशी साहब शरण को पीछे छोड़ बछरावां विधानसभा पर पहली बार विधायक बने थे। इसके पहले बाराबंकी से एक बार एमएलसी भी रहे।

शिक्षा के जीवन काल में कानून की पढ़ाई पढ़ने के बाद यह अधिवक्ता हुए। लेकिन प्रैक्टिस में इनका मन नहीं लगा। इन्होंने अपने जीवन की शुरुआत समाज सेवा से शुरू की थी। एक सामाजिक संगठन बनाकर सामाजिक कार्यों के प्रति अपना योगदान देना शुरू किया था। अपने सामाजिक संगठन के बैनर तले ऊसर सुधार योजना में भी इन्होंने काम किया। इसका विस्तार इन्होंने बाराबंकी जनपद के अलावा रायबरेली ,अमेठी, लखनऊ, विभिन्न जनपदों में करते हुए लोगों को ऊसर सुधार योजना से जोड़ा था।

2017 में बछरावां विधानसभा में पहली बार राजनीति की शुरुआत की और भाजपा के टिकट पर विधायक बन गए। 2022 में बछरावां की सीट अपना दल के खाते में चली गई और विधानसभा के चुनाव में टिकट से वंचित रह गए। लेकिन भारतीय जनता पार्टी द्वारा दी गई जिम्मेदारियों का निर्वहन करते रहे। दो माह पूर्व इन के लिवर में चिकित्सकों ने समस्या बताई। जिसका इलाज लखनऊ के पीजीआई अस्पताल में चल रहा था।

चिकित्सकों की सलाह पर दिल्ली के एक निजी अस्पताल में लीवर प्रत्यारोपण के लिए चार दिन पूर्व भर्ती हुए थे। शनिवार देर रात इलाज के दौरान इनका निधन हो गया। पूर्व विधायक के निधन के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है। विधायक श्यामसुंदर भारती, पूर्व विधायक रामलाल अकेला, पूर्व विधायक राजाराम त्यागी पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रभात साहू, नगर पंचायत अध्यक्षा सरला साहू, भाजपा नेता विद्यासागर अवस्थी, रमेश अवस्थी, लक्ष्मी कांत श्रीवास्तव, ज्योति प्रकाश, समेत दर्जनों लोगों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।

Edited By: Vrinda Srivastava

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट