जाब्यू, लखनऊ : लोकतंत्र बचाओ मोर्चा के संरक्षक एवं राष्ट्रवादी चिंतक केएन गोविंदाचार्य प्रधानमंत्री पद के तीनों संभावित दावेदारों नरेंद्र मोदी, राहुल गाधी व नीतीश कुमार को केंद्र की राजनीति में कच्चा करार देते हुए अभी वरिष्ठ जन की मातहती करने की सलाह देते हैं।

दिल्ली में छह अगस्त को जंतर मंतर पर प्रस्तावित मोर्चा के धरने की तैयारी के सिलसिले में सोमवार को लखनऊ पहुंचे गोविंदाचार्य मौजूदा राजनीतिक वातावरण से आहत दिखे। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने देश को चेहरों की नहीं चाल, चरित्र, नीति और नीयत की राजनीति की जरूरत बताया। ब्राजील या अमेरिकी माडल अपनाने के बदले 'भारत परस्त-गरीब परस्त' राजनीति के रास्ते पर ही देश को ले जाने की पैरोकारी की। प्रधानमंत्री पद की दावेदारी से जुडे़ सवाल पर उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी हो या नितीश अथवा राहुल गांधी, इन जैसे लोगों को अभी बहुत कुछ समझने की जरूरत है। देश में काफी वरिष्ठ लोग हैं। ये तीनों नेता पहले केंद्रीय कार्यप्रणाली को समझें और वरिष्ठों की मातहती करें। प्रदेश व देश की सरकार चलाने में गुणात्मक फर्क होता है। विकास माडल के बारे में तीनों ही अस्पष्ट हैं और देशी सोच से परे हैं।

लोकतंत्र बचाओ मोर्चा के बारे में गोविंदाचार्य ने बताया मोर्चे में 14 राजनैतिक,14 अर्धराजनैतिक और 37 व्यक्ति समूह जुड़े हैं। जिसमें एकता परिषद, राष्ट्रीय स्वाभिमान आन्दोलन जैसे सामाजिक समूह और लोकसत्ता पार्टी जैसे दल शामिल है, वहीं आरिफ मुहम्मद खा व संतोष हेगड़े जैसे नाम भी जुडे़ हैं। दिल्ली में छह अगस्त के धरने के बाद नौ अगस्त से पूरे देश में करीब 150 विश्वविद्यालयों व कालेजो में छात्रों से संपर्क किया जाएगा। संसद को अपराधी मुक्त कराने व राजनीतिक दलों को सूचना अधिकार कानून के दायरे में लाने जैसे मसलों पर लोक जागरण अभियान चलाया जाएगा।

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