प्रतापगढ़ (दिनेश सिंह)।कुंडा के निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह अपनी राजनीतिक पार्टी बनाने जा रहे हैं। 30 नवंबर को अपने राजनीतिक सफर के 25 साल पूरे होने पर वह लखनऊ में इसका एलान कर सकते हैं। रघुराज प्रताप सिंह पहली बार 1993 में निर्दलीय विधायक बने। उनको लेकर चर्चाएं तो बहुत होती रहीं, लेकिन अपनी अलग पहचान बनाए रखने के लिए वे किसी पार्टी में शामिल नहीं हुए। इसके बाद भी कल्याण सिंह, राजनाथ सिंह, रामप्रकाश गुप्ता, मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव की सरकार में वह कैबिनेट मंत्री रहे।

बेंती कोठी में समर्थकों के साथ चर्चा 

वर्ष 2002 में भाजपा-बसपा गठबंधन की मायावती सरकार में मंत्रिमंडल में शामिल न किए जाने पर उन्होंने बगावत कर दी थी। भाजपा के 10 विधायकों को तोड़कर निर्दलीय विधायकों के साथ सरकार गिराने की मुहिम छेड़ दी थी। उन्हें झुकाने के लिए दो नवंबर 2002 को विधायक पूरन सिंह बुंदेला की तहरीर पर हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। उसके बाद पुलिस ने उन्हें लखनऊ स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया था। उनके साथ-साथ उनके पिता उदय प्रताप सिंह, एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह, तत्कालीन बिहार सीट से विधायक रामनाथ सरोज समेत उनके समर्थकों पर कई मुकदमे दर्ज कर दिए गए। बाद में मुलायम सिंह यादव की सरकार बनी और वर्ष 2004 में जेल से छूटने के बाद वे कैबिनेट मंत्री बने, लेकिन सपा में शामिल नहीं हुए।

30 नवंबर को लखनऊ में समारोह 

रघुराज के करीबी एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह का कहना है कि रघुराज प्रताप सिंह के 25 साल से लगातार निर्दलीय विधायक बने रहने पर 30 नवंबर को लखनऊ में एक समारोह का आयोजन होगा। जनता की इच्छा पर वे उसी कार्यक्रम में अपनी पार्टी बनाने की घोषणा कर सकते हैं। समझा जाता है कि पार्टी बनाने के लिए रविवार से बेंती कोठी में वह अपने समर्थकों के साथ चर्चा में जुटे हैं। दैनिक जागरण से बातचीत में रघुराज प्रताप सिंह ने कहा कि सही समय का इंतजार कीजिए।

Posted By: Nawal Mishra

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस