लखनऊ, जेएनएन। केजीएमयू में माह भर से रैगिंग चरम पर थी। हॉस्टल में ठहरे जूनियर छात्रों को सीनियर रात में वीडियो कॉल करते थे। वहीं पढ़ाई बंद कराकर शर्ट उतरवाकर लुंगी डांस करवाते थे। वहीं बीते दिन केजीएमयू में 12-13 मई की रात में वर्ष 2017 बैच के छात्रों को पार्किंग में मुर्गा बनाया गया। इसकी आठ छात्रों ने लिखित शिकायत की।

अचानक करते थे वीडियोकॉल 
छात्रों का कहना है कि करीब माह भर से सीनियर छात्र परेशान कर रहे थे। वह रात नौ से 11 बजे के करीब अचानक वीडियो कॉल करते थे। स्पीकर ऑन कराकर छात्रों को लाइन में लगने की हिदायत देते थे। वहीं शर्ट निकलवाकर लुंगी डांस करने का निर्देश देते थे। ऐसे में सीनियर्स को जूनियर्स का नंबर कैसे मिला। इस पर भी सवाल उठ रहे हैं। जिन 13 सीनियर छात्रों पर रैगिंग के आरोप हैं। उनके कक्षों में ताला लगा दिया गया है। वहीं कक्षाओं में प्रवेश पर भी पाबंदी रही। डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. जीपी सिंह की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित कर दी गई है। इसमें डॉ. अनूप वर्मा, डॉ. आनंद श्रीवास्तव, प्रो. सुजाता देव, प्रो. नंदलाल भी शामिल हैं। कमेटी के अध्यक्ष डॉ. जीपी सिंह ने जांच की समय सीमा निर्धारित न होने का हवाला दिया।

क्या कहते हैं जिम्मेदार 

केजीएमयू के प्रॉक्टर प्रो. आरएस कुशवाहा ने कहा कि केजीएमयू में माह भर से चरम पर चल रही थी रैगिंग, सीनियर की शिकायत की हिम्मत नहीं जुटा सके जूनियर वीडियोकॉल करने का मामला संज्ञान में नहीं है। फिलहाल जांच जल्द पूरी की जाएगी। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

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Posted By: Anurag Gupta

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