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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लखनऊ एयरपोर्ट के कार्गो में रेडियो एक्टिव मटेरियल लीक का मामला, कंपनी ने लोगों को अफवाहों पर ध्यान न देने की दी सलाह

Published: Sat, 17 Aug 2024 11:51 AM (IST)Updated: Sat, 17 Aug 2024 03:13 PM (IST)

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UP News: लखनऊ एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 पर पहुंची एनडीआरएफ की टीम।
UP News: लखनऊ एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 पर पहुंची एनडीआरएफ की टीम।

HighLights

  1. गुवाहाटी जा रहा था विमान
  2. बॉक्स में रखी थी कैंसर की दवाएं

जागरण संवाददाता, लखनऊ। चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर शनिवार सुबह उस समय अफरातफरी मच गई जब कार्गो से रेडियो एक्टिव पदार्थ लीक होने की खबर फैली।

बताया जा रहा है कि रेडियो एक्टिव पदार्थ लीक होने से दो कर्मचारी बेहोश हो गए, लेकिन एयरपोर्ट प्रशासन द्वारा अभी इसकी पुष्टि नहीं की जा रही है। हां, एयरपोर्ट प्रवक्ता ने कैंसर रोधी दवा से रेडियो एक्टिव पदार्थ लीक होने की पुष्टि जरूर की है। वहीं, तीन कर्मचारियों को आइसोलेट करने की बात भी बताई गई है। 

शनिवार सुबह एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 पर लखनऊ से गुवाहाटी जाने के लिए विमान तैयार था। स्कैनिंग के दौरान मशीन बीप करने लगी।

बॉक्स खोलते ही रेडियो एक्टिव पदार्थ का रिसाव

दरअसल, लकड़ी के बाक्स में कैंसर रोधी दवाएं पैक थीं। इनमें रेडियो एक्टिव पदार्थ का भी इस्तेमाल किया जाता है। जैसे ही इस बाक्स को खोला गया, वैसे ही रेडियो एक्टिव पदार्थ लीक हो गया। इसके बाद एयरपोर्ट पर अफरा तफरी मच गई। आननफानन सीआइएसएफ मौके पर पहुंच गई। एनडीआरएफ की टीम को भी मौके पर बुला लिया गया है।

दवाई से फ्लोरीन 18 के रिसाव से हुई दिक्कत

कानपुर में ट्रेन दुर्घटना के बाद मौके पर गए एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट अनिल पाल भी एयरपोर्ट पहुंच गए हैं। फिलहाल जांच की जा रही है। बताया गया दवाई में फ्लोरीन 18 एक पदार्थ होता है। दवाई से इस पदार्थ का रिसाव होने के कारण दिक्कत हुई।

गंभीर रोगों का खतरा  

रेडियो एक्टिव पदार्थ एक अतिसक्रिय पदार्थ होता है जो लगातार विकिरण छोड़ता रहता है। अगर इस विकिरण के संपर्क में कोई प्राणी आ जाता है तो गंभीर रोगों से ग्रस्त हो जाता है या मौत हो जाती है। यह पदार्थ लगातार गंभीर विकिरण छोड़ते रहते हैं, जिस कारण इनका प्रयोग बड़ी सावधानी से किया जाता है। बिजली,औद्योगिक तथा चिकित्सा के क्षेत्र में इसका उपयोग करते हैं।

कैंसर रोगियों के लिए दवाओं से भरे एक शिपमेंट ने लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के कार्गो क्षेत्र में रेडियोधर्मी सामग्री के लिए अलार्म सक्रिय कर दिया। अलार्म के कारण का पता लगाने के लिए बुलाए गए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल ने शिपमेंट को सुरक्षित घोषित कर दिया है।

कोई हताहत नहीं हुआ

जैसा कि मीडिया में अफवाह थी और जीवन या चोट का कोई खतरा नहीं था। हवाईअड्डे का संचालन सुचारू रूप से चल रहा है और कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।

 -अभिषेक प्रकाश, मुख्य परिचालन अधिकारी, चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा

कंपनी ने आमजन से की सतर्क रहने की अपील

कंपनी के अनुसार किसी भी प्रकार का कोई रिसाव नहीं हुआ है। इसे ठीक किया जा सकता है। अन्य तथ्य यह है कि यह अब परिवहन के लिए सुरक्षित है और विकिरण अनुमेय सीमा के भीतर है। आमजन से अनुरोध है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और निर्देशों का पालन करें।

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