लखनऊ, जेएनएन। केजीएमयू के लिए अच्छी खबर है। यूके के डोमिनिक एगबीर कार्डिफ मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी के साथ संचालित की जा रही परियोजना को वैश्विक स्तर पर टॉप टेन प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है।

परियोजना की शुरुआत अप्रैल, 2018 में हुई थी। इसके तहत मेडिकल डिवाइस डिजाइन की जानी थी।केजीएमयू के डिपार्टमेंट ऑफ ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी और वाइस डीन प्रो. दिव्या मेहरोत्र ने बताया कि कार्डिफ यूके के तीन वैज्ञानिकों ने केजीएमयू और यहां के चिकित्सकों ने यूके का दौरा किया। परियोजना के तहत मेडिकल ग्रेड इंप्लांट्स को जबड़े के पुनर्निर्माण, चेहरे की विकृति में सुधार और झुलसने वाले रोगियों के लिए डिजाइन किया जा रहा है।

परियोजना को ब्रिटिश काउंसिल द्वारा वित्त पोषित शीर्ष 10 वैश्विक अनुसंधान परियोजनाओं में से एक के रूप में चुना गया है। फिलहाल, केजीएमयू के डॉक्टर कार्डिफ में ही यहां के मरीजों के मेडिकल इंप्लांट तैयार कर ला रहे हैं, जिन्हें यहां लगाया जा रहा है।

प्रो. मेहरोत्र ने बताया कि केजीएमयू में डिजिटल लैब स्थापित की जा रही है। प्रशिक्षण लेकर आने वाले डॉक्टर अगस्त-सितंबर से यहीं पर इंप्लांट तैयार कर मरीजों को लगाएंगे। इससे लोगों को काफी राहत मिलेगी।

ब्रिटिश यूनिवर्सिटी के साथ जबड़े के पुनर्निर्माण, चेहरे की विकृति और झुलसने वाले मरीजों के लिए इंप्लांट्स पर कर रहे काम

 

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Posted By: Anurag Gupta