लखनऊ, जेएनएन।  CoronaVirus: कोरोना से बचने के लिए शारीरिक दूरी के साथ हैंड हाईजीन व मास्क का विशेष महत्व है। लोग यह जानना चाहते हैं कि उन्हें किस तरह का मास्क पहनना कोरोना से सुरक्षा प्रदान कर सकता है। केजीएमयू में रेस्पिरेटरी मेडिसिन के प्रोफेसर व डॉक्टर संतोष कुमार ने दैनिक जागरण के हेलो डॉक्टर कार्यक्रम में ह्वाट्सएप पर पूछे एक सवाल के जवाब में बताया कि एन-95 मास्क सभी के लिए जरूरी नहीं है। कोई भी सामान्य मास्क पहना जा सकता है। बशर्ते उसे पहनने के बाद फूंक मारने से यदि मोमबत्ती बुझ जाए तो समझिये कि वह घटिया गुणवत्ता का मास्क है। तब उसे नहीं पहनना चाहिए। उन्होंने कई अन्य सवालों के भी जवाब दिए। 

सवाल-कोरोना पॉजिटिव होने के बाद क्या घर पर रहकर भी ठीक हो सकते हैं? (अमित कुमार, लखनऊ)

जवाब-हां, बिल्कुल। जिन लोगों को कैंसर, अस्थमा-दमा, हृदयरोग, सुगर, बीपी व किडनी रोग जैसी कोई गंभीर बीमारी नहीं है और जो ए-सिम्पटोमैटिक हैं, वह अपने घर पर भी आइसोलेशन में रह सकते हैं।

सवाल: कहा जाता है कि सूर्य से प्राप्त विटामिन-डी कोरोना से लड़ने के लिए बेहतरीन प्रतिरोधक है? कितने मिनट धूप लेनी चाहिए? (धर्मेन्द्र नाथ रस्तोगी, विक्टोरिया स्ट्रीट, लखनऊ)

जवाब: विटामिन-डी हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी है। सूर्य इसका सबसे बड़ा स्रोत है। अपनी जांच करा लें अगर आपको विटामिन-डी की कमी है तो रोजाना कुछ मिनट धूप लें या विटामिन-डी थ्री की गोलियां भी ले सकते हैं। 

सवाल-बाजार में डुप्लीकेट मास्क भी आ रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा कैसे तय होगी? क्या पता कि जो मास्क हम लगा रहे हैं वह हमें बचाएगा ही? (निखिल गुप्ता, लालगंज, रायबरेली।)

जवाब-सभी के लिए मास्क लगाने की अलग-अलग स्टैंडर्ड गाइडलाइन है। एन-95 मास्क सबको पहनने की जरूरत नहीं है। यह केवल उनके लिए है जो स्वास्थ्यकर्मी कोरोना वार्ड में ड्यूटी कर रहे हैं या जो संक्रमित मरीजों के बेहद नजदीक हैं। सामान्य लोग सर्जिकल मास्क या कपड़े का मास्क पहन सकते हैं। मास्क की गुणवत्ता पहचानने के लिए उसे पहनने के बाद सामने जलती हुई मोमबत्ती पर फूंक मारकर देखें अगर वह बुझ जाए तो इसका मतलब है कि हवा पास हो रही है और यह मास्क बेकार है। यदि मोमबत्ती न बुझे तो मास्क की गुणवत्ता ठीक है। घर का बना कपड़े का मास्क व अंगौछा इत्यादि का इस्तेमाल भी मास्क के तौर पर किया जा सकता है। यह बात ध्यान रखें कि हाथ को धुले या सैनिटाइज किए बगैर मुंह, नाक या आंख को नहीं छूना है। 

सवाल-मेरी थायराइड की दवा चल रही है। कई दिनों से मेरे दाएं पैर में उलझन व दर्द रहता है। कोरोना तो नहीं? (ममता पांडेय, सुलतानपुर)

जवाब-कोरोना का इसमें कोई लक्षण नहीं है। कोरोना के मुख्य लक्षण सांस फूलना व तेज बुखार आना है। 

सवाल-मेरे दो वर्षीय बेटे को 25 फरवरी को टीका लगना था, तब लगवा नहीं पाया। फिर लॉकडाउन हो गया। अब क्या करें? (सागर, लखनऊ)

जवाब-जो वक्त निकल गया, वह निकल गया। देखना पड़ेगा कि कौन सा टीका लगना बाकी था, उसके पहले के टीके क्या सभी लगे हैं। अगर हां तो बाद में भी लगवा सकते हैं। 

सवाल-मेरे गुर्दे की पथरी का ऑपरेशन 15 मार्च को हुआ था। पेशाब में जलन है। डायबिटिक हूं। कोरोना का खतरा कितना है? (गंगोत्री, गोंडा)

जवाब-डायबिटिक रोगियों में कोरोना का खतरा ज्यादा है। क्योंकि ऐसे मरीजों की इम्युनिटी कम हो जाती है। रिकवरी के चांस भी अच्छे नहीं होते। बचाव ही सुझाव है। मास्क व शारीरिक दूरी का पालन करें। हाथ को साबुन से धुलें। सुगर नियंत्रित रखें। 

सवाल-अगर कोई गर्भवती निजी अस्पताल में प्रसव कराना चाहे तो वह सरकारी लैब से कोरोना जांच कैसे कराए? (प्रीती, लखनऊ)

जवाब-सभी सरकारी अस्पताल में इसकी जांच है। अगर आपको फीवर है या प्रसव का वक्त नजदीक है तो फीवर क्लीनिक या इमरजेंसी में आकर जांच करा सकती हैं। 

सवाल-मुझे दो दिन से बुखार व खांसी है। कोरोना का लक्षण हो सकता है क्या? (जितेंद्र, बाराबंकी)

जवाब-कोई जरूरी नहीं है कि हर बुखार व खांसी कोरोना है, लेकिन आपको यदि यह पता हो कि किसी संदिग्ध के संपर्क में आए हैं तो कोविड की जांच करा लेनी चाहिए। 

सवाल- सब्जी व फल वालों को कोरोना हो रहा है। उनसे सब्जी लेना कितना सुरक्षित है? (विपिन, बलरामपुर)

जवाब-फल, सब्जी लाएं तो उसे साबुन पानी या पानी नमक से धुलें। आने पर नहा लें। शारीरिक दूरी का पालन करें। मुंह में मास्क लगाए बगैर कहीं बाहर नहीं जाएं।

सवाल-हार्ट व कैंसर रोगी को कोरोना के खतरे से कैसे बचाएं? (अमृता, बहराइच)

जवाब- ऐसे मरीजों की इम्युनिटी कम होती है। इसलिए उन्हें घर से बाहर नहीं जाने दें, क्योंकि इनमें वायरस तेज स्प्रेड करता है। हाथ को साबुन से धुलें। कीमो कराने वाले तो बिल्कुल घर से नहीं निकलें। मास्क लगाएं व शारीरिक दूरी का पालन करें। 

सवाल- 10 साल से कम उम्र के बच्चे को कोरोना से कैसे बचाएं? (प्रतिभा, बलरामपुर)

जवाब- उन्हें दूध, दही, हरी सब्जियां, प्रोटीन, विटामिन सी व ड्राई फ्रूट्स प्रचुर मात्रा में दें। कहीं बाहर नहीं जाने दें। हाईजीन व शारीरिक दूरी का पालन कराएं। कहीं इमरजेंसी में जाना जरूरी हो तो मास्क लगाएं।

सवाल-कुछ मरीजों में उल्टी दस्त व बुखार भी कोरोना के लक्षण बताए जा रहे हैं। यह सच है क्या? (देवेन्द्र, अयोध्या)

जवाब- यह कोरोना के रेयर लक्षण हैं। मुख्य लक्षण तेज बुखार, खांसी व सांस फूलना है। फिर भी अगर आप किसी संक्रमित के संपर्क में आए हैं और यह समस्या तीन-चार दिन से ज्यादा वक्त तक बनी है तो नजदीकी सरकारी अस्पताल में जाकर जांच करा लें। 

कोरोना की वजह से चल रहे लॉकडाउन में सामान्य जनों के मन में तरह-तरह के सवाल व आशंकाएं हैं। खांसी,जुखाम, बुखार, सांस में तकलीफ, उल्टी-दस्त इत्यादि समस्याएं होने पर लोग कोरोना के डर से भयभीत हो रहे हैं। वह जानना चाहते हैं कि कहीं उन्हें भी तो संक्रमण नहीं है। लोगों को मन में उठ रहे ऐसे सभी सवालों का समाधान कराने व उन्हें झूठ एवं अफवाहों से बचाने के लिए दैनिक जागरण करीब एक माह से हेलो डॉक्टर कार्यक्रम चला रहा है। अगर आपके मन में भी ऐसी कोरोना से जुड़ी कोई आशंका या सवाल है तो हमें 8368390994 पर दोपहर 12 बजे तक व्हाट्सएप से मैसेज अपने नाम व जिले के साथ लिख भेजें। आपकी समस्या का समाधान विशेषज्ञ के माध्यम से अगले दिन अखबार में प्रकाशित किया जाएगा। कृपया मैसेज ही करें फोन ना करें।

Posted By: Divyansh Rastogi

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