सीतापुर संसू। हत्या के मामले में सीतापुर की जिला जेल में बंद एक बंदी की मौत हो गई। बंदी की जमानत मंजूर हो चुकी थी, आज गुरुवार को उसकी रिहाई होनी थी। मगर जेल से घरवालों के पास उसके मरने की खबर आई। इससे परिवार में कोहराम मच गया। जिला मुख्यालय पहुंचे परिवारजन ने बंदी की मौत पर सवाल उठाए हैं। उधर जेल अधिकारियों ने हार्ट अटैक से मौत की बात कही है।

महमूदाबाद कोतवाली के शेखपुर-बिलौली का रहने वाला सुशील कुमार हत्या के एक मामले में जेल में बंद था। उसे रामपुर कला इलाके के गांव में हुई युवक की हत्या में जेल भेजा गया। करीब एक वर्ष से जेल में बंद सुशील की जमानत मंजूर हो चुकी थी। परिवारजन ने बताया कि गुरुवार को उसकी रिहाई होनी थी। तड़के जेलर ने फोन कर मौत की सूचना दी। मृतक का शव जिला अस्पताल में रखा होने की बात कही। जानकारी मिलते ही परिवारजन जिला अस्पताल पहुंचे। परिवारजन ने बुधवार शाम बंदी से बात होने के बारे में बताया। परिवारजन का कहना है कि अगर बंदी की तबियत खराब थी तो जेल अधिकारियों ने पहले सूचना क्यों नहीं दी।

नामजद आरोपित था मृतकः मृतक बंदी के चाचा विजय शंकर ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले रामपुर कला के गांव गौरा में युवक की हत्या हुई थी। युवक की हत्या के मामले में ही सुशील जेल में बंद में था। उसी मामले में मृतक की साली भी बंद है। परिवारजन का कहना है कि रिहाई का आदेश बुधवार को ही जेल पहुंचना था। किसी कारण ऐसा नहीं हो सका। यही वजह है कि रिहाई भी एक दिन टल गई। अगर आदेश समय पर आ गया होता तो उसी दिन रिहाई हो जाती। इस मामले में जेलर आरएस यादव का कहना है कि महमूदाबाद इलाके के रहने वाले बंदी की मौत हार्ट अटैक से हुई है। कल बंदी ने परिवारजन से बात भी की थी। आज उसकी रिहाई भी थी। सूचना परिवारजन को दे दी गई है।

Edited By: Dharmendra Mishra