लखनऊ, जेएनएन। एनडीए की राष्ट्रपति पद की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू के लखनऊ आगमन से एक दिन पहले ही विपक्ष के साझा उम्मीदवार यशवंत सिन्हा का आज लखनऊ पहुंचे। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष यशवंत सिन्हा को विपक्षी दलों ने मिलकर मैदान में उतारा है। राष्ट्रपति पद के चुनाव 18 जुलाई के बाद मतगणना 21 जुलाई को होगी और उसी दिन परिणाम भी घोषित किया जाएगा।

राष्ट्रपति पद के विपक्ष के साझा उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने गुरुवार को कहा कि देश के जो वर्तमान हालात हैं उसमें खामोश राष्ट्रपति नहीं चाहिए। इस बार का राष्ट्रपति चुनाव असाधारण परिस्थितियों में हो रहा है। बड़ी से बड़ी घटनाओं पर मन की बात करने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चुप रह जाते हैं। आज संविधान के मूल्यों की रक्षा नहीं हो रही है। अगर संविधान ही नहीं रहेगा तो व्यक्ति न्याय के लिए किसके पास जाएगा। सरकार में बैठे लोग चाहते हैं कि सांप्रदायिक आधार पर समाज बंटे। यह लोग वोट की राजनीति के लिए देश को कहां और किस तरफ ले जाना चाहते हैं ?

यशवंत सिन्हा गुरुवार को समाजवादी पार्टी व रालोद के विधायकों से वोट मांगने आए थे। यशवंत ने लखनऊ आकर अखिलेश से मुलायम सिंह यादव का हालचाल जाना और उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु होने की कामना की। उन्होंने जयंत चौधरी से मिलकर बताया कि उनके पिता चौधरी अजित सिंह उनके बहुत अच्छे मित्र थे। यशवंत ने लखनऊ आकर अटल जी को भी याद किया।

उन्होंने कहा कि यह शहर अटल जी का रहा है। उनके साथ नजदीक से काम करने का मौका मिला। अटल जी की पार्टी आज कहां से कहां पहुंच गई, बहुत अफसोस होता है। आज समाज अशांत हो गया है। अटल जी सहमति में विश्वास रखते थे। वे कहते थे विपक्ष के साथ बैठकर बात करो और रास्ता निकालो, लेकिन आज संवाद एकतरफा रह गया है।

संविधान की मर्यादा खत्म हो गई है। मूल्यों की अवहेलना सत्ताधारी पार्टी द्वारा हो रही है। आज कहीं पर भी न्याय नहीं मिल रहा है। धारा 370 का मामला सुप्रीम कोर्ट में 2019 से पड़ा हुआ है इसकी सुनवाई कब होगी पता नहीं। सीएए व एनआरसी पर सुनवाई कब होगी कोई नहीं जानता। इस सरकार को विपक्ष की जरूरत नहीं है।

उन्होंने कहा कि अगर मैं राष्ट्रपति बना तो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, प्रेस की स्वतंत्रता पर आंच नहीं आने दूंगा। संविधान के प्रति जवाबदेह रहूंगा। राष्ट्रपति भवन में संविधान संरक्षक के रूप में काम करूंगा। देश व समाज को सांप्रदायिक ढंग से बंटवारा रोकने का प्रयास करूंगा।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का अधिकार होता है वह प्रधानमंत्री को बुलाए और समझाए। उन्होंने एक प्रश्न पर कहा कि एक व्यक्ति के उत्थान से उस समाज का उत्थान नहीं होता है। उन्होंने कहा कि हम बहुत सारी पार्टियों में पैठ रखते हैं, सबसे ज्यादा भाजपा में पकड़ है।

इससे पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश ने यशवंत सिन्हा का स्वागत करते हुए कहा कि हमें बड़ी खुशी है कि विपक्ष ने बड़ी ही सूझ-बूझ के साथ उन्हें राष्ट्रपति का प्रत्याशी बनाया गया है। देश जिन हालातों से गुजर रहा उसमें सरकार को रास्ता दिखाने के लिए यशवंत सिन्हा ने अच्छा कोई दूसरा प्रत्याशी नहीं हो सकता है। रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी ने भी यशवंत का स्वागत किया।

बेटा 'राजधर्म' का पालन कर रहा और मैं 'राष्ट्रधर्म' का : यशवंत सिन्हा ने अपने बेटे जयंत सिन्हा का वोट न मिलने के प्रश्न पर कहा कि वे भाजपा के सांसद हैं इसलिए वह अपना 'राजधर्म' का पालन करेंगे और मैं 'राष्ट्रधर्म' का पालन करूंगा। उन्होंने एक प्रश्न पर कहा कि बुलडोजर से एक धर्म विशेष के लोगों के घर गिराने जैसा दूसरा गैर कानूनी कार्य नहीं हो सकता है।

Edited By: Dharmendra Pandey