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प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय में निर्माण में गड़बड़ी, पांच इंजीनियरों पर होगी कार्रवाई

Published: Wed, 14 Oct 2026 06:50 AM (IST)

प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय में बाल चिकित्सालय निर्माण में अनियमितताओं के कारण यूपी सिडको ने आरसीबी इन्फ्राकान्स को पांच साल के लिए ब्लैक लिस्ट किया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. यूपी सिडको ने आरसीबी इन्फ्राकान्स को काली सूची में डाला।

  2. प्रयागराज बाल चिकित्सालय निर्माण में अनियमितता और देरी का आरोप।

  3. फर्जी पंजीकरण व त्रुटिपूर्ण टेंडर पर पांच इंजीनियरों पर कार्रवाई।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय परिसर में निर्माणाधीन बाल चिकित्सालय का काम समय पर पूरा नहीं कराने और निर्माण में अनियमितताओं के कारण उप्र राज्य निर्माण एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (यूपी सिडको) ने निर्माण फर्म आरसीबी इन्फ्राकान्स को पांच वर्ष के लिए काली सूची में डाल दिया है।

आंशिक भुगतान करने के आरोप में तीन इंजीनियरों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जा रही है। वहीं, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फर्म का पंजीकरण कराने और त्रुटिपूर्ण टेंडर प्रक्रिया अपनाने के मामले में दो अन्य इंजीनियरों पर भी कार्रवाई की जा रही है।

मोतीलाल नेहरू मेडिकल कालेज, प्रयागराज से संबद्ध इस बाल चिकित्सालय का निर्माण मेसर्स आरसीबी इन्फ्राकान्स कर रही थी। निर्धारित समय में काम पूरा नहीं होने पर निगम ने 9 अप्रैल को फर्म का अनुबंध निरस्त कर दिया था। जांच में फर्म के पंजीकरण के लिए कूटरचित दस्तावेजों के इस्तेमाल और उसके निदेशक के विरुद्ध दर्ज मुकदमे की जानकारी छिपाने का मामला सामने आया। इस पर सिडको के प्रबंध निदेशक संजीव सिंह ने फर्म को काली सूची में डालने की कार्रवाई की। निर्माण में देरी के कारण दूसरे चरण का अनुबंध भी निरस्त कर दिया गया। फर्म की 55 लाख रुपये की जमानत राशि जब्त कर ली गई है।

हो रही विभागीय कार्रवाई 

तत्कालीन अधीक्षण अभियंता राजेश चौधरी, अधिशासी अभियंता मनीष कुमार श्रीवास्तव और सहायक अभियंता धर्म शंकर त्रिपाठी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पंजीकरण और त्रुटिपूर्ण निविदा प्रक्रिया के लिए प्रथम दृष्टया दोषी पूर्व अधीक्षण अभियंता एवं सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता पंकज चोपड़ा के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। त्रुटिपूर्ण अनुबंध के मामले में तत्कालीन अधीक्षण अभियंता एवं मुख्य अभियंता (पूर्व) केजी दुबे के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जा रही है।

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दुबे से फर्मों के पंजीकरण और नवीनीकरण का काम वापस ले लिया गया है। प्रबंध निदेशक ने बताया कि फर्म को किए गए अग्रिम भुगतान की वसूली भी की जाएगी। शेष निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने के लिए मुख्य अभियंता (पूर्व) एके निर्मल को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।