लखनऊ, जागरण संवाददाता।  लखनऊ के आलमबाग में बिजली अभियंताओं की मनमर्जी के आगे उपभोक्ताओं की नहीं चल सकती। 24 घंटे तक इलाके में बिजली के लिए हाहाकार मचा रहा और बत्ती गुल रही। लोगों ने जब बिजली विभाग से शिकायत करना शुरू किया तो उन्हें ऐसा जवाब मिला कि जिसकी उम्मीद नहीं थी। ऐसे में लोगों ने बिजली विभाग के ऊट-पटांग जवाब को लेकर हंगामा करना शुरू कर दिया।

ठंडियों में जब बिजली की डिमांड बहुत ज्यादा नहीं हैं, उसके बाद भी आलमबाग बस अड्डे के सामने स्थित क्षेत्र में चार घंटे बिजली संकट रहा। वहीं एक निजी होटल में चौबिस घंटे बिजली गुल रही। शिकायत करने पर अभियंताओं का जवाब था कि होटल स्वयं बिजली ठीक कराए और अपना फाल्ट निजी ठेकेदारों से खोजने का काम करवाए। यह हाल राजधानी के आलमबाग क्षेत्र का है। ऐसे अभियंताओं के कारण आलमबाग में बीते गुरुवार को 11 केवी लाइन में भूमिगत फाल्ट आने से होटल की 24 घंटे तक बत्ती गुल रही। वहीं इलाके की बिजली जो अपराह्न तीन बजे बंद हुई थी, वह शाम सात बजे चालू हो सकी। मगर, होटल को रोशन करने वाले केबल फाल्ट को सही नहीं कराया। जबकि होटल के लोगों ने के अधिशासी अभियंता मिथिलेश कुमार, उपखंड अधिकारी आशीष श्रीवास्तव एवं जूनियर इंजीनियर राम आशीष से शिकायत की, पर कोई सुनवाई नहीं की।

शुक्रवार को सुबह 10 बजे यह मामला, जब सोशल मीडिया में वायरल हुआ तो मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सूर्यपाल गंगवार ने संज्ञान लिया। इसके बाद अभियंता हरकत में आये और फाल्ट को खोजबीन की पहल हुई। शाम चार बजे बिजली चालू हो सकी। मगर कुछ देर बाद दूसरी जगह धमाका हो गया। दूसरे स्रोत से होटल की बिजली शुरू हो सकी। इस बाबत अधीक्षण अभियंता जेके पांडेय ने बताया कि क्षेत्रीय अभियंताओं ने भूमिगत केबल में आए लाएं फाल्ट की सूचना तक नहीं दी। यदि सूचना मिल जाती तो रात को ही होटल की बिजली को चालू करा दिया जाता।

Edited By: Dharmendra Mishra