लखनऊ, जागरण संवाददाता। सुप्रीम कोर्ट जहां एक ओर लगातार प्रदूषण नियंत्रण के लिए दिल्ली सरकार से जवाब तलब कर रहा है तो वहीं लखनऊ में भी प्रदूषण की स्थिति कुछ खास अच्छी नहीं है। राजधानी के अलग-अलग इलाकों में शुक्रवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) का स्तर औसत से खराब की श्रेणी में रहा। यहां पर कुछ इलाकों में सांस लेना भी दूभर है। शुक्रवार को लालबाग, तालकटोरा, रायबरेली रोड के आसपास के क्षेत्रों में एक्यूआइ का स्तर खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। लालबाग में 241, तालकटोरा में 223, रायबरेली रोड स्थित बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी में 171, गोमतीनगर 162, कुकरैल पिकनिक स्पाट-1 में 152, केंद्रीय विद्यालय अलीगंज में 153 पर एक्यूआइ दर्ज किया गया। 

पल्ला झाड़ रहे जिम्मेदारः प्रदूषण को लेकर नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी कई तरह की बातें बता रहे हैं। एक्यूआइ के गिरते स्तर के सवाल पर वह कह रहे हैं कि पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष एक्यूआइ काफी बेहतर है, इस पर ध्यान दिया जाए। बोर्ड का कहना है कि बादल होने की वजह से भी एक्यूआइ में बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसके अलावा बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी के पास फ्लाईओवर (पुल) बनाए जा रहे हैं, जिसकी वजह से वहां के एक्यूआइ में लगातार इजाफा देखा जा रहा है।

लालबाग में बढ़े एक्यूआइ स्तर पर वह कहते हैं कि वहां पर लोकल कारणों से उछाल है। प्रदूषण नियंत्रण करने के लिए किए जा रहे इंतजाम के बारे में जवाब मिला कि एक्यूआइ के नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव किया जा रहा है, एंटी स्मोक गन लगाई गई हैं। नगर निगम लगातार मानीटङ्क्षरग कर रहा हैं और जनमानस से अपील है कि कूड़ा न जलाएं, अपने आसपास के पौधों पर पानी का छिड़काव करें, वाहनों का उपयोग कम से कम करें। उनसे निकलने वाले धुएं से भी प्रदूषण बढ़ता है।

Edited By: Vikas Mishra