लखनऊ, जेएनएन। राजधानी स्थित ओमेक्स रेजीडेंसी में कोयला व्यापारी के घर पुलिस की डकैती प्रकरण में आरोपित दारोगा पवन ने मुखबिर मधुकर मिश्र के साथ मिलकर डकैती की योजना बनाई थी। वारदात के दौरान आधे रुपये निकलवाकर पवन ने दो बैग में रखा और मुखबिर व साथियों को देकर मौके से भगा दिया। इसके बाद क्षेत्रीय चौकी प्रभारी को सूचना दी कि फ्लैट में करोड़ों की ब्लैक मनी रखी है।

एसएसपी कलानिधि नैथानी के मुताबिक, आरोपित दारोगा पवन दो दिन पहले ही गोसाईगंज क्षेत्र से लाइन भेजा गया था। पवन ने मुखबिर मधुकर के साथ मिलकर वारदात की योजना बनाई थी। मधुकर ने ही पवन को बताया था कि फ्लैट के बेड में करीब तीन करोड़ रुपये रखे हैं। इसके बाद पवन ने दारोगा आशीष तिवारी को मामले की जानकारी दी और सुबह मुखबिर समेत चार अन्य लोगों के साथ फ्लैट पर पहुंचे। चौकीदार की मदद से दरवाजा खुलवाकर बेड से रुपये निकाले और दो बैगों में पहले भर लिया।

यह भी पढ़े: 
लखनऊ में कोयला व्यापारी के घर पुलिस ने डाली डकैती, दो दारोगा-सिपाही समेत चार गिरफ्तार

बैग में रखे रुपयों को दोनों दारोगाओं मुखबिर मधुकर और अन्य साथियों के हवाले कर दिए। इसके बाद दोनों को वहां से रवाना कर दिया। इसके बाद पवन और आशीष ने क्षेत्रीय चौकी प्रभारी प्रेम शंकर पांडेय को फोन कर बुलाया और उन्हें बताया कि फ्लैट में बेड के अंदर करोड़ों की ब्लैक मनी रखी है। इसके बाद पुलिस टीम के साथ पहुंचे और फिर बेड के रुपये निकालकर बैग में भरे और थाने लेकर जाने को तैयार हो गए। इस बीच सूचना मिलते ही एएसपी ग्रामीण विक्रांत वीर पहुंचे। एएसपी ग्रामीण ने घटना स्थल के पास लगे एक सीसी कैमरे में देखा कि मधुकर और उसके साथी बैग लेकर जा रहे हैं। इससे पुष्टि हुई। पड़ताल में मामले की परतें खुलती गई। इसके बाद दोनों दारोगाओं को हिरासत में ले लिया गया।

एक मंत्री का करीबी है अंकित अग्रहरि

बताया जा रहा है कि अंकित अग्रहरि, सरकार के एक मंत्री के करीबी हैं। मामले की जानकारी पर मंत्री ने एक पुलिस अधिकारी को सूचना देकर उन्हें तत्काल मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस हरकत में आई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक फ्लैट में मिला रुपया मंत्री का ही है। एसएसपी के मुताबिक अंकित बालू, मिट्टी खनन, खदान से ईट भट्टे में कोयला सप्लाई का काम करता है।

वारदात के बाद आयकर विभाग को दी सूचना

दोनों आरोपित दारोगा ने सीओ राज कुमार शुक्ला को भी गुमराह करने की कोशिश की। सूचना पर जब सीओ पहुंचे तो दोनों ने उनसे भी ब्लैकमनी का राग अलापना शुरू कर दिया। सीओ ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों और आयकर विभाग को सूचना दे डाली। आयकर विभाग की टीम रुपयों के बारे में अंकित व उसके साथियों से पूछताछ कर रही है।

पूर्व की घटनाओं पर एक नजर

  • एक फरवरी 2017: जेल में बंद शातिर बदमाश अकील ने पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से दो शूटरों से श्रवण साहू की हत्या करा दी थी।
  • 29 सितंबर 2018: गोमतीनगर स्थित सरयू अपार्टमेंट के पास गाड़ी न रोकने पर दो सिपाहियों ने एपल कंपनी के मैनेजर विवेक तिवारी (38) की गोली मारकर हत्या कर दी थी
  • वर्ष 2013-इंदिरानगर में माज हत्याकांड को क्राइम ब्रांच में तैनात तत्कालीन इंस्पेक्टर संजय राय ने अंजाम दिया था
  • साल 2014: गुडंबा क्षेत्र में स्थित एक गुटखा फैक्ट्री के कर्मचारियों को बंधक बनाकर लाखों रुपये के लूटपाट के प्रकरण में भी क्राइम ब्रांच के पुलिसकर्मियों की मिलीभगत पाई गई थी

Posted By: Anurag Gupta

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस