लखनऊ, जेएनएन। बंथरा में नो एंट्री में प्रवेश दिलाने के नाम पर ट्रक चालकों से वसूली का भंडाफोड़ होने के बाद अब चिनहट क्षेत्र में भी खेल उजागर हुआ है। चिनहट कोतवाली में तैनात दो सिपाहियों पर निजी आदमी लगाकर रुपये वसूलने का मामला सामने आया है। इंस्पेक्टर आनंद कुमार शाही के मुताबिक आरोपित जुग्गौर निवासी राम लखनऊ उर्फ बाबा के खिलाफ कोतवाली में एफआइआर दर्ज की गई है। मामले की छानबीन की जा रही है। बाराबंकी की ओर से आने वाले या फिर शहीद पथ से अयोध्या की ओर जाने वाले भारी वाहनों को प्रवेश देने के लिए ट्रक चालकों से रुपये वसूले जाते थे।

बुधवार को आइपीएस अभिषेक वर्मा ने पड़ताल के दौरान बंथरा में तैनात चार सिपाहियों की संलिप्तता पकड़ी थी। इसके बाद वह चिनहट पहुंचे, जहां छानबीन में पता चला कि यहां तैनात दो सिपाहियों ने चालकों से वसूली के लिए राम लखन को लगा रखा है। राम लखन चालकों से 100 से 200 रुपये वसूलता था और फिर नो एंट्री में गाडिय़ों को प्रवेश दिया जाता था। सूत्रों के मुताबिक प्रकरण में संलिप्त सिपाही प्रेम प्रकाश और सचिन कुमार की संलिप्तता की जांच की जा रही है। आरोपित सिपाहियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। एसएसपी के मुताबिक मामला संज्ञान में है। सिपाहियों की भूमिका की जांच की जा रही है। संलिप्तता मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

गाडिय़ों की लगती है लंबी कतार

नो एंट्री की वजह से फैजाबाद रोड पर अक्सर रात के समय भारी वाहनों के अलावा चार पहिया गाडिय़ों की लंबी कतार लग जाती है, जो बाराबंकी सीमा तक नजर आती है। इसकी वजह से राजधानी की सीमा पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाता है, जिससे अन्य गाडिय़ों को जाम से निकाला जा सके और ट्रक चालक नियम के विपरित प्रवेश न करें। हालांकि पुलिसकर्मी खेल करने से गुरेज नहीं करते।

बंथरा में वसूली के आरोपित चारों सिपाही फरार, एफआइआर दर्ज
जुनाबगंज तिराहे पर ड्यूटी के दौरान ट्रक चालकों से नो एंट्री के नाम पर वसूली करने के आरोपित चारों पुलिसकर्मियों के खिलाफ बंथरा थाने में एफआइआर दर्ज की गई है। एसएसपी कलानिधि नैथानी के मुताबिक आरोपित पुलिसकर्मी फरार हैं, जिनके बारे में छानबीन की जा रही है। एसएसपी ने बताया कि वसूली के आरोपित हेड कांस्टेबल विमलेश कुमार, कांस्टेबल धीरज कुमार, विपिन पांडेय और विनोद कुमार के बारे में ट्रक चालकों से धमकाकर रुपये वसूलने की शिकायत मिली थी। इसके बाद आइपीएस अभिषेक वर्मा ने ट्रक चालक से वसूली करते चारों को रंगे हाथों पकडऩे की कोशिश की थी लेकिन वह भाग निकले थे। सिपाहियों के खिलाफ गैरहाजिरी रपट लिखने के बाद एफआइआर दर्ज कराई गई।

Posted By: Anurag Gupta