लखनऊ, जेएनएन। कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस विभाग में अंतिम कड़ी माने जाने वाले सिपाही को मुख्य धारा से जोड़ने की कसरत शुरू हो गई है। गृह मंत्री अमित शाह और पुडुचेरी की लेफ्टीनेंट गर्वनर डॉ.किरण बेदी की यूपी पुलिस को बीट पुलिसिंग को लेकर दी गई नसीहत रंग लाती नजर आ रही है। जल्द उत्तर प्रदेश में पहली बार एकरूपता के साथ बीट प्रणाली लागू किए जाने की तैयारी है। डीजीपी ओपी सिंह का कहना है कि बीट प्रणाली को लेकर पहली बार समग्रता में आदेश जारी किया जाएगा।

28 और 29 नवंबर को लखनऊ में 47वीं अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान कांग्रेस का आयोजन हुआ था। कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह की मुख्य अतिथि देश की पहली आइपीएस अधिकारी डॉ.किरण बेदी ने दिल्ली पुलिस के अनुभव साझा करते हुए बीट पुलिसिंग की खूबियां बयां की थी। 29 नवंबर को पुलिस विज्ञान कांग्रेस के समापन समारोह में गृह मंत्री अमित शाह ने भी बीट प्रणाली को व्यवस्थित ढंग से लागू किए जाने की बात कही थी।

इसके बाद से डीजीपी मुख्यालय स्तर से दिल्ली, चंडीगढ़ समेत अन्य प्रदेशों में लागू बीट प्रणाली सिस्टम का अध्ययन कराया जा रहा है। मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में इसे लेकर पहली बैठक हुई और कई बिंदुओं पर विचार किया गया। सिपाही व हेड कांस्टेबल की जिम्मेदारी तय करने से लेकर बीट में लोगों के बीच उनकी पहचान और कम्युनिटी पुलिसिंग के मॉडल पर मंथन हुआ। जल्द इसे लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मत भी लिए जाएंगे, जिसके बाद एकरूपता में बीट प्रणाली लागू किए जाने की तैयारी है।

क्या है बीट प्रणाली

थानाक्षेत्र को अलग-अलग बीट में बांटकर सिपाही अथवा हेडकांस्टेबल को प्रभारी बनाया जाता है। बीट प्रभारी अपने क्षेत्र के अपराधियों से लेकर घटनाओं वाले प्रमुख स्थानों, स्कूल-कॉलेजों, संवेदनशील स्थानों पर नजर रखने के साथ लोगों के साथ परस्पर संवाद कर उनमें पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाता है।

प्रस्तुतीकरण में अहम सुझाव

लखनऊ पुलिस ने बीट प्रणाली को लेकर एक प्रस्तुतीकरण भी दिया, जिसमें सभी बीट पुलिसकर्मियों को सीयूजी फोन दिए जाने, जिम्मेदारी के निर्धारण, मार्निंग ब्रीफिंग, बीट डायरी समेत अन्य सुझाव दिए जाने के साथ ही लखनऊ में बीट प्रणाली को लेकर की गई कार्रवाई की जानकारी दी गई। बताया गया कि डीजीपी ओपी सिंह 12 दिसंबर को बीट प्रणाली को लेकर अधीनस्थों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग भी करेंगे।

Posted By: Umesh Tiwari

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस