विधि संवाददाता, लखनऊ। एक नाबालिग बच्चे के साथ अप्राकृतिक कृत्य करने व गला दबाकर उसकी हत्या करने के आरोपी राजकिशोर उर्फ राजू गौतम को पाक्सो की विशेष अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। विशेष जज अरविंद मिश्र ने इस पर 50 हजार का जुर्माना भी लगाया है।

लोक अभियोजक अभिषेक उपाध्याय व सुखेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक, वर्ष 2014 में होली वाले दिन यह बच्चा गायब हो गया था। इसके अगले दिन बच्चे का शव गोयल चौराहे पर कूड़ा घर में मिला था। 18 मार्च, 2014 को इस मामले की एफआइआर मृत बच्चे की मां ने थाना अलीगंज में दर्ज कराई थी। विवेचना में मालुम हुआ कि अभियुक्त राजकिशोर अक्सर बच्चे को दो-चार रुपए व टाफी देता था। जिससे बच्चा उससे घुल मिल गया था।

उसने होली वाले दिन बच्चे को अपने कमरे में बुला लिया था। उसे दस रुपए देकर उसके सारे कपड़े उतार दिए थे  और उसके साथ अप्राकृतिक कृत्य करने लगा था। बच्चे के चिल्लाने पर उसका गला दबाए रखा था। इस दौरान बच्चे की मौत हो गई थी। तब उसने बच्चे के शव को बोरे में बांधकर गोयल चौराहे के पास कूड़ा घर में फेंक दिया था।

दहेज हत्या में पति को 20 साल की कैद : दहेज की खातिर पत्नी की हत्या करने के मामले में दोषी करार दिए गए अभियुक्त पति कमल किशोर को सत्र अदालत ने 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। एडीजे कल्पना ने इस पर पांच हजार का जुर्माना भी ठोंका है।

सरकारी वकील दुष्यंत मिश्र व अरुण पांडेय ने बताया कि इस मामले की एफआइआर मृतक के पिता रघुबीर प्रसाद ने थाना मलिहाबाद में दर्ज कराई थी। वर्ष 2008 में उनकी पुत्री सविता की शादी कमल किशोर से हुई थी। शादी के बाद ससुराल वाले दहेज की खातिर उनकी पुत्री को प्रताड़ित करने लगे। 27 दिसंबर, 2012 को उन्हें मालुम हुआ कि उनकी पुत्री की गोली मारकर हत्या कर दी गई है।

Edited By: Vrinda Srivastava